-मदरसा लुत्फिया अरबिया तुर्कमान गेट- 1948 में बना है। इसमें 375 विद्यार्थी हैं। 15 लोगों का स्टाफ है
- मदरसा सिराजुल उलूम निस्वां कालेज ऊपरकोट- 1950 में बना है। 275 विद्यार्थी हैं। 17 लोगों का स्टाफ है
-मदरसा अरेबिया बालाये किला सराय रहमान- 1950 में बना है। 350 विद्यार्थी हैं। 14 लोगों का स्टाफ है
-मदरसा इस्लमियां अरबिया जामा मस्जिद- 1949 में बना है। यहां 712 विद्यार्थी हैं और 15 लोगों का स्टाफ है।
जांच के बाद रिकवरी और भुगतान रोकने की सिफारिश की गई थी
शासन की जांच में आशंका जताई गई थी कि चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की भी बड़ी संख्या में नियुक्तियां की गईं हैं। इन नियुक्तियों के लिए दी गई वेतन राशि बहुत अधिक है। इसलिए इन नियुक्तियों में शामिल मदरसा प्रबंधकों, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों और रजिस्ट्रार मदरसा शिक्षा बोर्ड उत्तर प्रदेश से रिकवरी की जाए और वेतन की भुगतान को रोका जाए।