शैक्षिक सत्र 2024-25 के लिए विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों के अनुसूचित जाति व जनजाति के विद्यार्थियों का तृतीय चरण का छात्रवृत्ति डाटा सत्यापित न होने पर उन्हें शुल्क जमा करने में दिक्कतें आ रही हैं।
राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय (आरएमपीयू) से संबद्ध महाविद्यालयों में शुल्क मांगे जाने पर एससी-एसटी के विद्यार्थियों का दर्द फूट पड़ा है। विद्यार्थियों ने विवि के कुलसचिव से गुहार लगाई। विवि प्रशासन ने विद्यार्थियों का छात्रवृत्ति डाटा सत्यापित न होने, छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति न मिलने पर दो महीने की छूट दी गई थी।
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शैक्षिक सत्र 2024-25 के लिए विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों के अनुसूचित जाति व जनजाति के विद्यार्थियों का तृतीय चरण का छात्रवृत्ति डाटा सत्यापित न होने पर उन्हें शुल्क जमा करने में दिक्कतें आ रही हैं। बैठक में निर्णय लिया गया कि जिन विद्यार्थियों को समाज कल्याण विभाग द्वारा छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति नहीं हो सकी है, उन्हें शुल्क प्रतिपूर्ति होने तक सत्र 2025-26 में शुल्क जमा करने में दो माह या छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति होने तक छूट दी जाए।
इसके बाद भी कई महाविद्यालयों में शुल्क मांगा जा रहा है, जिसकी शिकायत विद्यार्थियों ने कुलसचिव से की थी। कुलसचिव वीके सिंह ने कार्य परिषद की बैठक में लिए निर्णय का अनुपालन करने के लिए महाविद्यालयों के प्राचार्यों से कहा है।