बहुचर्चित संदीप गुप्ता हत्याकांड के मुख्य आरोपी शूटर प्रवीन बाजौता को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। पहले उसे हत्या के मुकदमे में जमानत मिली, इसके बाद इसी प्रकरण में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मामले में भी राहत मिल गई। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसकी रिहाई के संकेत हैं। वहीं, प्रवीन की जमानत की सूचना के बाद पुलिस भी सतर्क हो गई है।
टप्पल क्षेत्र के बाजौता गांव निवासी प्रवीन जिला पुलिस की सूची में शामिल कुख्यात अपराधी माना जाता है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह सुपारी लेकर हत्या करने के मामलों में संलिप्त रहा है। गांव की पुरानी रंजिशों से जुड़े विवादों में भी उसका नाम सामने आता रहा है।
मूल रूप से अलीगंज निवासी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के चर्चित लॉजिस्टिक कारोबारी एवं सीमेंट सप्लायर संदीप गुप्ता की 27 दिसंबर 2021 की शाम गांधी आई तिराहे पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सीसीटीवी फुटेज और जांच के आधार पर पुलिस ने दावा किया था कि पारिवारिक विवाद के चलते संदीप के रिश्ते के दामाद अंकुश अग्रवाल और उसके ट्रांसपोर्टर पिता ने हत्या की साजिश रची थी।
पुलिस के अनुसार अंकुश अग्रवाल ने हत्या के लिए 20 लाख रुपये की सुपारी प्रवीन बाजौता को दी थी। इसके बाद प्रवीन ने हाथरस के सादाबाद निवासी जितेंद्र उर्फ कंजा और अपने तयेरे भाई प्रदीप के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। मामले में तीन शूटरों समेत कुल 13 आरोपियों के नाम सामने आए थे, जिनमें तीन आरोपी नाबालिग थे।
हत्याकांड का ट्रायल अभी न्यायालय में लंबित है। प्रवीन और जितेंद्र को छोड़कर अन्य अधिकांश आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है। अब प्रवीन को भी हत्या और गैंगस्टर दोनों मामलों में राहत मिल गई है। वर्तमान में वह लखीमपुर खीरी जेल में निरुद्ध है।