पुलिस गिरफ्त में आरोपी अंकुश का पिता राजीव अग्रवाल
- फोटो : अमर उजाला
अलग-अलग टीमों ने किया काम
इस सनसनीखेज वारदात में पुलिस की टीमों ने अलग-अलग काम करते हुए कड़ियां जोड़ीं, जिनमें संदीप की पारिवारिक, व्यापारिक व सामाजिक अदावतों को चिह्नित किया गया। साथ में शहर भर के सीसीटीवी का बारीकी से अध्ययन किया गया। इसी दौरा उजागर कि शूटर जिस कार से शहर में संदीप के आगे-पीछे घूमे हैं, उस कार को एक सफेद रंग की हुंडई क्रेटा कार संख्या यूपी-32 एलई 5151 आगे आगे गाइड करती चली है। घटनास्थल तक बलैनो के आगे यह क्रेटा कार चली है। घटना हो जाने के बाद अचानक क्रेटा वापस मुड़ गई है और शूटरों की कार आगे हरदुआगंज की ओर निकल गई है।
एसपी सिटी ने बताया कि जब इस कार की पड़ताल हुई तो यह कार साईं विहार सारसौल के अंकुश अग्रवाल पुत्र राजीव अग्रवाल के नाम पंजीकृत पाई गई। बस यहीं से घटना खुलती चली गई। क्योंकि संदीप के परिवार ने घटना के बाद ही सारसौल निवासी ट्रांसपोर्टर राजीव अग्रवाल और उनके बेटे अंकुश से ताजा विवाद बता दिया था। पुलिस को बताया गया कि संदीप ने अलीगंज के ही करीबी दोस्त/परिवार के सदस्य स्व. सुधीर गुप्ता की बेटी दीप्ति की शादी अंकुश संग कराई थी।
अपमान का बदला लेने के लिए की हत्या
शादी के बाद दंपती में हुए विवाद के चलते कुछ माह पहले दीप्ति अपनी बेटी संग मायके में रह रही थी, जिसमें संदीप दीप्ति की मजबूत पैरोकारी कर रहे थे। इसमें दीप्ति की ओर से अलीगंज में ससुरालियों पर मुकदमा दर्ज कराया गया था। उस मुकदमे में सामाजिक समझौता बैठक के दौरान संदीप ने अंकुश की बेइज्जती कर दी थी। इधर, इस घटना के बाद से अंकुश फरार है। हालांकि दबिश के दौरान उसके पिता राजीव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
अंकुश के दोस्त के गैराज से क्रेटा बरामद
वहीं मंगलवार देर रात तक चली खोजबीन में अंकुश की क्रेटा कार को पुलिस ने रामघाट रोड तालसपुर स्थित एक मोटर गैराज से बरामद कर लिया। जांच में पाया कि हत्या के बाद यह कार यहां लाकर खड़ी की गई। यह मोटर गैराज अंकुश के दोस्त दुष्यंत चौधरी का है। उसके बाद से दोनों एक फॉर्च्यूनर लेकर फरार हुए हैं। पुलिस पूछताछ में दुष्यंत के पिता ने स्वीकारा कि दुष्यंत ने भागते समय अपने पिता को यह जानकारी भी दी है कि अंकुश ने संदीप की हत्या करा दी है।
इन तमाम तथ्यों के आधार पर पुलिस ने राजीव अग्रवाल को साजिश का आरोपी मानते हुए जेल भेज दिया है, जबकि अंकुश व दुष्यंत की तलाश की जा रही है। यह भी साफ हुआ है कि पिछले कुछ समय से अंकुश व दुष्यंत साथ ही रह रहे थे। वे बहुत पुराने दोस्त हैं। दोनों ने मिलकर शूटरों को हायर कर यह हत्या कराई है।
अलीगंज के कारोबारी संदीप गुप्ता की हत्या में अब तक की जांच, साक्ष्य, सीसीटीवी, मोबाइल सर्विलांस, परिवार के बयान आदि के आधार पर रिश्तेदारी से उपजी रंजिश में हत्या होना उजागर हुआ है। उसी साजिश में शामिल संदीप के रिश्ते के समधी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी का बेटा व उसका दोस्त फरार हैं। उन्होंने मुख्य साजिश रची है। उनके गिरफ्तार होने पर शूटर भी साफ होंगे। इसके लिए टीमें लगी हुई हैं।
- कलानिधि नैथानी, एसएसपी, अलीगढ़