नगर निगम के जवाहर भवन में खड़ी सुपर सकर मशीन।
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जनता के टैक्स के पैसों से एक करोड़ तीस लाख रुपये की भारीभरकम सुपर सकर मशीन खरीदी गई है। ये मशीन नगर निगम के सेवा भवन परिसर में सजा कर खड़ी कर दी गई है। मशीन को आए हुए लगभग एक सप्ताह से अधिक का समय बीत गया है, लेकिन अब तक इससे कहीं भी सफाई नहीं कराई गई है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल एनजीटी में जब सिल्ट सड़कों पर फैलाने के प्रकरण में सुनवाई हुई तो नगर निगम ने व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने का हवाला देकर इस मशीन को खरीदने का शपथ पत्र अदालत में दिया था। जिसके बाद मशीन खरीदी गई है। सेवा भवन से कुछ किमी दूर रघुवीरपुरी इलाके में सिल्ट सड़कों पर फैला दी गई है। जिससे आम लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। अदालत के आदेश भी नगर निगम के लिए कितना महत्व रखते हैं..? ये आप खुद ही समझ सकते हैं।
नगर आयुक्त ने पूछा क्यों खड़ी है मशीन
बुधवार को उद्योग व्यापार संगठन के पदाधिकारियों ने सिल्ट सफाई और उसके संबंध में एनजीटी के आदेशों का हवाला देकर नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा था। जिसके बाद नगर आयुक्त ने सुपर सकर मशीन नहीं चलने की वजह मातहतों से पूछी थी। इसके बाद से तीन दिन गुजर गए हैं, लेकिन मशीन कहीं नहीं चली है।
मेरी दुकान के आगे सिल्ट फैल गई है। जिससे दुकान देरी से खोल पा रहा हूं। सुबह 10 बजे दोपहर की जगह 1:30 बजे दुकान खोली है। जब तक सिल्ट दोबारा नाली में नही जाएगी, तब तक कोई उठने नहीं आएगा।
-मुकेश तोमर
सुपर सकर मशीन नगर निगम में खड़ी है, सिल्ट सड़क पर पड़ी है। खाने पीने की दुकान के सामने सिल्ट होने के कारण दुकान में कोई ग्राहक नहीं आ रहा है। सड़क पर सिल्ट फैली होने के कारण घंटों जाम की स्थिति बनी हुई है।
-रतन सिंह
पहले भी नालों की सफाई के बाद सिल्ट सड़क पर ही पड़ी रहती थी और आज भी वैसे ही सड़क पर पड़ी है। ऐसे में नगर निगम द्वारा मंगाई गई सुपर सकर मशीन का क्या फायदा..?
-डॉ प्रमोद गौड़
सिल्ट की बदबू ने लोगों को खासा परेशान किया हुआ हैं, घर से निकलना मुश्किल हो रहा है। ऐसे समय पर नगर निगम की सुपर सकर मशीन कहां चली जाती है। कोई न कोई आए दिन सिल्ट में गिरता रहता है।
-जगदीश प्रसाद शर्मा