ग्रेटर अलीगढ़ परियोजना को तीन चरणों में विकसित करने की योजना है। पहले चरण में 101-120 हेक्टेयर भूमि पर 2594 आवासीय और 305 व्यावसायिक भूखंड विकसित किए जाएंगे। इसमें 45 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क, 12 मीटर चौड़े संपर्क मार्ग, सेंटर प्वाइंट चौराहा, ग्रीन बेल्ट और खेल स्टेडियम जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी।
अलीगढ़ विकास प्राधिकरण (एडीए) दिवाली पर शहरवासियों को ग्रेटर अलीगढ़ आवासीय योजना का तोहफा देगा। पहले चरण में 1000 आवासीय प्लॉटों की बिक्री शुरू की जाएगी। योजना के लिए नई भवन उप-विधि के अनुसार ले-आउट तैयार कर लिया गया है। इसी सप्ताह में भू-उपयोग परिवर्तन की फाइल शासन को मंजूरी के लिए भेजी जाएगी।
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खैर रोड पर ट्रांसपोर्ट नगर के सामने सात गांव जतनपुर, रुस्तमपुर, जिलौली, मूसेपुर, अटलपुर, वीसावन और ल्होसरा की 335 हेक्टेयर भूमि पर ग्रेटर अलीगढ़ आवासीय परियोजना विकसित की जा रही है। एडीए ने अब तक 220 हेक्टेयर भूमि की खरीदारी पूरी कर ली है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी टाउनशिप
ग्रेटर अलीगढ़ परियोजना को तीन चरणों में विकसित करने की योजना है। पहले चरण में 101-120 हेक्टेयर भूमि पर 2594 आवासीय और 305 व्यावसायिक भूखंड विकसित किए जाएंगे। इसमें 45 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क, 12 मीटर चौड़े संपर्क मार्ग, सेंटर प्वाइंट चौराहा, ग्रीन बेल्ट और खेल स्टेडियम जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी। परियोजना की कुल लागत 700 करोड़ रुपये अनुमानित है। इसमें से 350 करोड़ रुपये प्रदेश सरकार द्वारा प्रदान किए गए हैं। शेष राशि एडीए वहन करेगा।
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भू-उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया में तेजी
एडीए ने ग्रेटर अलीगढ़ के लिए भू-उपयोग परिवर्तन का संशोधित प्रस्ताव तैयार किया है। इसमें 74.37 हेक्टेयर भूमि जो महायोजना 2031 में क्षेत्रीय पार्क के रूप में दर्ज थी। को आवासीय उपयोग के लिए परिवर्तित करने का प्रस्ताव शामिल है। यह फाइल आगामी सप्ताह में शासन को भेजी जाएगी। मंजूरी मिलते ही परियोजना को और गति मिलेगी।