पोलिंग बूथ का निरीक्षण करतीं जिला निर्वाचन अधिकारी सेल्वा कुमारी जे और एसएसपी।
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विधान सभा चुनाव के पहले चरण में बृहस्पतिवार को हुए मतदान के दौरान अफवाहों व झूठी सूचनाओं ने पुलिस व प्रशासनिक अफसरों को जमकर छकाया। सब कुछ सामान्य मिलने पर उन्होंने राहत की सांस ली। उधर, झूठी सूचनाएं देने वाले व फर्जी वोटिंग करते पाए जाने वालों को पकड़कर पुलिस ने थानों में बैठा दिया। मतदान समाप्ति के बाद सभी को हिदायत देकर छोड़ दिया गया।
मतदान शुरू होने के बाद से पुलिस व जिला निर्वाचन कंट्रोल रूम को अफवाहों से भरी झूठी शिकायतें मिलने का सिलसिला शुरू हो गया, जो मतदान समाप्ति तक जारी रहा। कंट्रोल रूम से सूचना प्रसारित होने के बाद संबंधित अफसर मौके पर दौड़ते रहे। अधिकांश सूचनाएं महज अफवाह निकलीं। महुआखेड़ा के देवी नगला में बूथ पर झगड़े की सूचना पर अफसर दौड़ पड़े। मौके पर पहुंचने पर सूचना अफवाह निकली।
क्वार्सी के नगला पटवारी, धौर्रा में भी झगड़े की खबर पर पुलिस दौड़ते हुए मौके पर पहुंची। यहां भी खबर झूठी निकली। खैर कोतवाली क्षेत्र के एक पोलिंग बूथ पर हुए झगड़े में गोली चलने की खबर पर इलाका पुलिस व आला अधिकारी दौड़ते हुए पहुंचे। यह सूचना जांच में झूठी पायी गई। इसी तरह सभी थाना क्षेत्रों में कंट्रोल रूम के जरिए झूठी शिकायतें मिलती रहीं। पुलिस ने कई लोगों को फर्जी वोटिंग के आरोप में पकड़ लिया। इस दौरान झूठी सूचना देने व फर्जी वोटिंग करने वालों को थाने भेज दिया गया। मतदान समाप्ति को हिदायत देकर छोड़ दिया गया।