ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर शुक्रवार को ऊपरकोट पर जुमे की नमाज के बाद बैठक होने की अफवाह से पुलिस प्रशासन के हाथ-पैर फूल गए। यह अफवाह शहर मुफ्ती तक पहुंची तो उन्होंने शहर में अमन को ध्यान में रखते हुए ऐसी बैठक न करने की अपील कर दी। देर रात पुलिस प्रशासन की जांच में ऐसी कोई बैठक न होने की बात सामने आई है।
बृहस्पतिवार दोपहर यह अफवाह उड़ी कि जुमे की नमाज के बाद बैठक होगी। यह अफवाह शहर में जंगल में आग की तरह फैल गई। पुलिस प्रशासन से लेकर खुफिया तंत्र सक्रिय हो गया। बैठक का आयोजक कौन है, इसकी जांच पड़ताल शुरू हो गई। शहर की फिजा खराब होने की आशंका पर शहर मुफ्ती को देररात वीडियो के जरिये अपील जारी करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर कोई बैठक होने वाली है। यह बैठक हरगिज नहीं होनी चाहिए। इससे शहर में तनाव पैदा हो सकता है। यह वक्त सही नहीं है, सही वक्त का इंतजार करना चाहिए। इधर, एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि इस तरह की बैठक होने की अफवाह प्रसारित हो रही थी, जिसकी जांच-पड़ताल कराई गई, जांच में यह अफवाह पाई गई। किसी तरह की कहीं बैठक नहीं हो रही है। अफवाह फैलाने वालों को चिह्नित करके उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
फेसबुक पर धार्मिक टिप्पणी करने वाला हिरासत में
गोधा क्षेत्र के युवक ने अपने फेसबुक अकाउंट पर धार्मिक टिप्पणी की है। इस मामले में मुकदमा दर्ज कर देर शाम आरोपी को हिरासत में लिया गया है। उससे पूछताछ जारी थी।
फेसबुक एकाउंट धारक बृजेश कुमार बिरजू द्वारा एक पोस्ट शेयर की गई, जिसमें धार्मिक टिप्पणी की गई है। इस विषय में गोधा के ही बहरामपुर निवासी मनीष शर्मा की ओर से पुलिस को शिकायत भेजी गई। इस पर गोधा थाने में मनीष की तहरीर पर फेसबुक एकाउंट धारक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी बृजेश कुमार उर्फ बिरजू निवासी खेड़ा बुजुर्ग को हिरासत में ले लिया है, जिससे देर रात पूछताछ जारी थी।
मस्जिद में राजाओं के अवशेष न निकले तो फांसी दे दें : केशव
ऊपरकोट स्थित एतिहासिक जामा मस्जिद को लेकर आरटीआई एक्टिविस्ट पंडित केशव देव ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि जामा मस्जिद में राजाओं के अवशेष न निकले तो उन्हें ऊपरकोट किला ले जाकर उन्हें फांसी दे देना। पत्र में कहा कि जामा मस्जिद सार्वजनिक जगह पर बनी हुई है, मस्जिद का मालिकाना हक भी किसी का नहीं है। गंगा दर्शन के लिए राजा बुद्धसेन ने कई मीनारों का निर्माण कराया था। केशव देव शर्मा ने कहा कि वह दावे के साथ कह सकते हैं कि मस्जिद में राजाओं के अवशेष न निकलें तो उन्हें ऊपरकोट किला ले जाकर फांसी दे देना। अवैध निर्माण नहीं हटा तो वह न्यायालय की शरण में लेंगे।