पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की मृत्यु के संवेदनशील मौके पर भी कुछ युवकों ने संकीर्ण सोच का परिचय देकर माहौल को खराब करने का प्रयास किया। ऐसे युवकों ने केंद्र सरकार के निर्देशों को बिना जाने-समझे सोशल मीडिया पर यह अफवाह उड़ा दी कि आज पूरा देश अटल जी के निधन पर शोक मना रहा है और एएमयू खुला हुआ है।
इसका दुष्परिणाम यह हुआ कि सोशल मीडिया पर विवादित कमेंट आने लगे और घृणा के माहौल को हवा मिल गया। भनक लगने के बाद मीडियाकर्मी भी एएमयू में पहुंच गये। इस संबंध में एएमयू पीआरओ उमर सलीम पीरजादा का कहना है कि केंद्र सरकार के संस्थानों में आधे दिन का अवकाश था। केंद्र के निर्देशों को एएमयू द्वारा पालन किया गया।
एएमयू के तमाम स्कूलों में पहले ही छुट्टी घोषित कर दी गई थी। विभाग एवं अन्य कार्यालय सुबह 11 बजे के बाद बंद कर दिये गये। उन्होंने बताया कि इससे संबंधित सूचना एक दिन पहले ही एएमयू द्वारा मीडिया में दे दी गई थी। पूर्व प्रधानमंत्री के निधन के शोक में शुक्रवार को महानगर के तमाम स्कूल-कॉलेज बंद रहे। मंगलायतन विश्वविद्यालय में भी बंद रहा। इसके साथ ही तमाम सरकारी दफ्तरों में भी सन्नाटा पसरा रहा।