आगरा-अलीगढ़ रोड पर मडराक में बृहस्पतिवार दोपहर गांव रामनगर के दलित समाज के लोगों ने जाम लगाकर हंगामा किया। गुस्साए लोग गांव मूसेपुर जलाल में गांव के युवकों को पीटकर घायल करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। पुलिस अधिकारियों द्वारा कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने पर करीब एक घंटे बाद जाम खोल दिया गया।
पुलिस ने बताया कि गांव रामनगर के करीब ढाई सौ दलित समाज के लोग, जिसमें महिलाएं और बच्चे थाना मडराक पहुंचे और मंगलवार को थाना महुआखेड़ा के गांव मूसेपुर जलाल में मंगलवार की रात समाज के तीन युवकों को पीटकर घायल करने वाले हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे और कुछ देर बाद थाने से बाहर आकर लाठी-डंडे लेकर आगरा रोड पर जाम लगा दिया।
रास्ता जाम करने वाले लोग मौके पर सीओ और अन्य अधिकारियों को बुलाने की मांग कर रहे थे। इस बीच कई थानों का फोर्स भी पहुंच गया। थाना पुलिस ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद लोगों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया, तब कहीं जाकर दोनों ओर से वाहनों का आवागमन शुरू हुआ। कुछ देर बाद सीओ इगलास महेश कुमार इगलास भी थाने पर पहुंच गए, उन्होंने आश्वासन दिया कि पीड़ितों का मेडिकल कराकर आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। इसके बाद लोग वहां से चले गए।
यह है घटनाक्रम
घटना की पृष्ठभूमि के बारे में गांव के अजय कुमार ने बताया कि गत मंगलवार को रामनगर के सागर के घर पर गृह प्रवेश का आयोजन था, जिसमें हरदुआगंज से कुछ रिश्तेदार आए थे, सागर रिश्तेदारों को छोड़ने के लिए टेंपो से मूसेपुर जलाल होकर जा रहा था। लौटते समय सागर का मूसेपुर जलाल में किसी व्यक्ति से विवाद हो गया। आरोप है कि टेंपो में सवार लोग हुड़दंग करते हुए जा रहे थे, जिस पर गांव के ठाकुर समाज के लोग भड़क गए थे और उन लोगों की पिटाई कर दी थी, जिसमें रामनगर गांव के वीरी सिंह, दिलीप, ओर छोटू घायल हो गए थे, जिनका मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है, जहां दिलीप की हालत गंभीर बताई गई है।
जाम से गर्मी में परेशान होते रहे राहगीर
मडराक। आगरा रोड पर कस्बा में रामनगर के लोगों द्वारा आगरा रोड पर जाम लगाए जाने से दोनों ओर एक-एक किलोमीटर लंबा जाम लग गया। रोडवेज बसों के साथ अन्य वाहन भी फंसे रहे। रास्ता जाम किए हुए लोग किसी दोपहिया वाहन तक को नहीं निकलने दे रहे थे। गर्मी में जाम से लोग परेशान होते रहे। जाम के कारण स्कूली बच्चों के साथ शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई शिक्षक एक एक किलोमीटर लंबा घूम कर गंतव्य को गए।