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बी-फार्मा छात्र की हत्या के विरोध में बवाल

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मडराक थाने का घेराव करते मृतक के परिजन। - फोटो : CITY OFFICE
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बी-फार्मा छात्र की जमीन के लालच में हुई हत्या के दूसरे दिन मंगलवार सुबह एक अपवाह के चलते कस्बा मडराक में जमकर हंगामा हुआ। मुख्य आरोपी को थाने में न देख किसी ने यह अफवाह उड़ा दी कि सुपारी देने वाले को ही पुलिस ने छोड़ दिया है। बस फिर क्या था, कई सैकड़ा महिला पुरुष एकत्रित होकर थाने पहुंच गए और थाने का घेराव कर हंगामा शुरू कर दिया।
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इस दौरान पुलिस पर आरोप लगाते हुए मुख्य आरोपी को सामने लाने की शर्त रख दी। हालांकि इंस्पेक्टर स्तर से उन्हें समझाने का प्रयास किया गया। मगर पब्लिक मानने को तैयार नहीं हुई। इस दौरान आगरा रोड पर कुछ देर के लिए जाम भी लगाया गया। खबर पर पहुंचे एसपी देहात ने पब्लिक को समझाकर शांत करते हुए सासनी गेट थाने में मौजूद मुख्य आरोपी वीडियो कॉल पर दिखाया तब पब्लिक शांत हुई। इसके बाद फर्द में उसका नाम न होने का मुद्दा तूल पकड़ गया और फिर जाम लगा दिया। इस पर एसपी देहात ने एफआईआर व फर्द दिखाई, जिसमें आरोपी का नाम मौजूद था। तब पब्लिक शांत हुई। इस तरह तीन घंटे बाद पब्लिक वहां से हटी। इधर, दोपहर बाद पुलिस ने चारों आरोपियों को जेल भेज दिया।
कस्बा मडराक निवासी निजी चिकित्सक रमाकांत शर्मा निजी के तीन बेटों में सबसे बड़ा बेटा चंद्रमोहन उर्फ राघव (18) सासनी थाना क्षेत्र के आरके कालेज से बी-फार्मा प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। वह रविवार दोपहर कस्बे के ही दोस्त किरण गौड़ संग लैपटॉप लेने निकला था। इसके बाद गायब हो गया था। छात्र के लापता होने पर हरकत में आई पुलिस ने किरण गौड़ को हिरासत में लेकर छात्र की हत्या के राज से पर्दा हटा दिया। खुलासा हुआ कि छात्र की हरदुआगंज के गांव बरानदी के पास बाग में चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई है और शव दबा दिया गया है।
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इस पर सोमवार रात पुलिस ने शव बरामद कर मृत छात्र के तयेरे भाई सूरज, किरण व हत्या में ही शामिल बॉबी व संतोष को गिरफ्तार कर लिया। सुबह ही छात्र के परिवार का एक सदस्य किसी काम से मडराक थाने गया। जहां उसकी नजर हवालात पर पड़ी और देखा कि हवालात से सूरज गायब है। यह देख उसका माथा ठनका और उसने छात्र के घर पहुंचकर यह जिक्र छेड़ दिया कि सूरज पुलिस ने छोड़ दिया।
बस फिर क्या था, इस खबर पर काफी संख्या में महिला पुरुष एकत्रित होकर हंगामा करते हुए थाने पहुंच गए और थाने का घेराव कर पुलिस विरोधी नारेबाजी शुरू कर दी। यही नहीं तत्काल आरोपी की गिरफ्तारी व सामने लाने की जिद करने लगे। इस पर इंस्पेक्टर उन्हें समझाते हुए शांत करने का प्रयास करने लगे कि सूरज को छोड़ा नहीं गया। अभी पूछताछ के चलते कहीं और रखा गया है। मगर परिजन मानने को तैयार नहीं हुए और उन्होंने थाने से बाहर आकर आगरा रोड पर जाम लगा दिया। इसी बीच खबर पर एसपी देहात मणीलाल पाटीदार भी पहुंच गए। उन्होंने पब्लिक को समझाते हुए वीडियो कॉल पर दिखाया कि सूरज सासनी गेट थाने में मौजूद है।
उससे पूछताछ चल रही है, तब पब्लिक शांत हुई और जाम खोला गया। इसके बाद किसी ने गिरफ्तारी फर्द में सूरज का नाम न होने का जिक्र कर दिया। फिर पब्लिक भड़क गई और जाम लगा दिया। बाद में पुलिस ने फर्द दिखाई तब हंगामा शांत हुआ। इस तरह सुबह करीब दस बजे से शुरू हुआ हंगामा तीन घंटे बाद दोपहर में शांत हुआ। इसके बाद पुलिस ने चारों आरोपियों को जेल भेजा। वहीं दोपहर में पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा, जहां पुलिस सुरक्षा में अंतिम संस्कार किया गया। बता दें कि मृत छात्र के तयेरे भाई सूरज ने जमीन के लालच में किरण को दो लाख की सुपारी देकर यह हत्या कराई है। पुलिस ने चारों आरोपियों से दो चाकू, फावड़ा व दो मोबाइल भी बरामद किए हैं। एसपी देहात मणीलाल पाटीदार ने बताया कि गलतफहमी में पब्लिक हंगामा करते हुए आ गई थी। समझाकर शांत कर दिया गया।
शरीर पर बेरहमी से किए चाकुओं से वार
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पाया गया है कि छात्र राघव के सीने पर चार-पांच और पीट पर चार-पांच चाकुओं के निशान थे, जबकि गर्दन व कंधे पर भी चाकुओं के निशान थे। इससे साफ है कि बेरहमी से उसे चाकुओं से गोदा गया। जब उसकी हत्या हो गई तब उसे फावड़े से गड्ढा खोदकर जमीन में दबा दिया गया।
बिलखती मां ने मांगी आरोपी को फांसी
छात्र की मां के अलावा परिवार की अन्य महिलाओं का हाल बेहाल है। जब सुबह थाने पर हंगामा हो रहा था, तब घर में बिलखती मां आरोपी को फांसी की मांग कर रही थी। परिवार की अन्य महिलाएं जैसे तैसे उसे संभालने का प्रयास कर रही थीं। मगर कोई सफल नहीं हो पा रहा था।
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