आरटीओ ऑफिस में विवाद को लेकर अधिकारी से नोकझोक करते भाजपा नेता ।
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आरटीओ के प्रवर्तन पटल पर भाजपा नेता से रिश्वत मांगना बाबू और उसके गुर्गे को महंगा पड़ गया। भाजपा नेताओं ने हंगामा करते हुए पुलिस से शिकायत की। सूचना पर पहुंची पुलिस लिपिक एवं उसके गुर्गे को अपने साथ बन्ना देवी थाने ले आई, जबकि दूसरा गुर्गा भागने में सफल रहा। भाजपा नेताओं ने आरटीओ को फोन पर मामले की जानकारी दी तो उन्होंने छुट्टी से वापस आते ही लिपिक के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब जाकर भाजपाई शांत हुए। देर शाम पुलिस ने बाबू को हिरासत से मुक्त कर दिया।
शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गोंडा में हुई जनसभा में भाजपा युवा मोर्चा के ब्रज प्रांत अध्यक्ष मनीष गौतम भाग लेने आए थे। जनसभा से लौटते समय वह अपने एक रिश्तेदार के ट्रक का चालान जमा करने के लिए आरटीओ ऑफिस पहुंचे। भाजयुमो अध्यक्ष (ब्रजप्रांत) मनीष गौतम ने बताया कि वह चालान जमा करने वाली छह नंबर खिड़की पर पहुंचे और ओवरलोडिंग का 19 हजार 500 रुपये का जुर्माना जमा कराना चाहा, लेकिन यहां बाबू की सीट पर गुर्गे ने उनकी गाड़ी को ब्लेक लिस्ट बताते हुए चालान जमा करने से मना कर दिया। कई घंटे इधर-उधर घुमाने के बाद छह नंबर खिड़की पर लिपिक की सीट पर बैठे गुर्गे और उसके साथी ने उनसे चालान जमा करने और गाड़ी को ब्लेक लिस्ट से निकालने की एवज में ढाई हजार रुपये की मांग की।
भाजयुमो अध्यक्ष ने इसका विरोध किया तो उनके साथ अभद्रता भी कर डाली। इसकी जानकारी उन्होंने अलीगढ़ भाजयुमो महानगर अध्यक्ष निखिल माहेश्वरी को दी। निखिल अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे और हंगामा किया तो बाबू ने तुरंत चालान जमा कर दिया। इधर, सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने छह नंबर पटल पर बैठने वाले लिपिक और उसके एक गुर्गे को पकड़ लिया, जबकि दूसरा भागने में सफल रहा। इसी बीच एआरटीओ (प्रवर्तन) अभिताभ चतुर्वेदी भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने भाजयुमो नेताओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह बाबू और उसके गुर्गो के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। जिलाध्यक्ष निखिल माहेश्वरी ने पूरे प्रकरण की जानकारी आरटीओ (प्रशासन) कृष्णदत्त सिंह गौर को दी। बकौल भाजयुमो जिलाध्यक्ष आरटीओ ने 21 अक्टूबर को छुट्टी से लौटते ही बाबू और गुर्गो के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। हंगामा करने वालों में भाजयुमों के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अमित चौधरी, जिला महामंत्री सुरेश शिब्बो, राजीव रज्जी, धीरज चौधरी, प्रशांत पाठक आदि मौजूद थे।
मामला संज्ञान में आया है। चुनाव की तैयारियों के चक्कर में आफिस नहीं पहुंच पाए। मामले की जांच के बाद दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी और आगे से इसकी पुनरावृत्ति न हो इसके लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।
- फरीदद्दीन, आरटीओ प्रवर्तन