मानसिक रूप से विक्षिप्त प्रदेश स्तरीय खिलाड़ी को उसके परिजनों को सुपुर्द करते।
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कभी मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले और प्रदेश स्तरीय स्वीमिंग प्रतियोगिताओं में अपना नाम रोशन करने वाला खिलाड़ी मानसिक रूप से विक्षिप्त होकर अलीगढ़ आ गया। जिसको आरपीएफ ने उसके परिजनों के सुपुर्द करा दिया है।
आरपीएफ के प्रभारी निरीक्षक चमन सिंह तोमर ने बताया कि सोमवार को एएसआई ओमवीर सिंह व कांस्टेबल देवकीनंदन मीणा ने आरपीएफ कंट्रोल रूम में लगे सीसीटीवी के माध्यम से प्लेटफार्म नंबर सात पर फुटओवर ब्रिज के नीचे बनी बेंच पर एक बैग को संदिग्ध अवस्था में देखा था। स्टाफ वहां पहुंचा और बैग जांचा तो उसमें लैपटॉप, हेडफोन, हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की मार्कशीट के साथ खेलों के कई प्रमाणपत्र मिले। बैग के पास ही घूम रहे युवक ने बताया कि ये उसका है। पूछने पर युवक ने अपना नाम वैभव गुप्ता पुत्र अशोक कुमार गुप्ता निवासी 375 साउथ सिविल लाइन, जनपद जबलपुर मध्य प्रदेश बताया। इसके बाद वह कुछ अन्य बातें करने लगा। उसकी बातों से पुलिस वाले समझ गए कि उसको कोई परेशानी है। इस पर उसे रेल सुरक्षा बल पोस्ट पर लाकर पड़ताल शुरू की।
इसके लिए प्रभारी निरीक्षक चमन सिंह तोमर ने जबलपुर सिटी पुलिस की मदद से बताए गए पते की खोजबीन की। जिसमें उसके घर का मोबाइल नंबर मिला। इस नंबर पर अशोक कुमार गुप्ता से बात हुई तो उन्होंने बताया कि वैभव गुप्ता उनका ही पुत्र है, जो जबलपुर से दिल्ली जाने के लिए किसी ट्रेन में बैठा था, वह मानसिक रूप से विक्षिप्त है। इसलिए अलीगढ़ में उतर गया। पूर्व में वह स्वीमिंग का खिलाड़ी रहा है और जिला व राज्यस्तरीय कई प्रतियोगिताओं में भाग ले चुका है। अशोक ने पुलिस से कहा कि वह जबलपुर से प्रयागराज आ जाएंगे। वैभव को प्रयागराज तक भेज दें। इस पर आरपीएफ ने हेड कांस्टेबल मुकेश व कांस्टेबल सतवीर सिंह के साथ रीवा एक्सप्रेस से उसको प्रयागराज पहुंचाया। जहां पहचान कराने के उपरांत वैभव को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।