बेशक एएमयू के रेंडम सर्च ऑपरेशन में कोई नाजायज हथियार या अन्य आपत्तिजनक सामान नहीं मिला। मगर बंद मिले दस कमरों की मदद से जरूर बलवाइयों के लिंक तलाशे जा रहे हैं। एएमयू प्रशासन इन दस कमरों के आवंटित छात्रों की सूची तैयार की जा रही है। इन छात्रों से हॉल में मौजूद न मिलने के संबंध में साक्ष्य मांगे जाएंगे। साथ ही पुलिस को भी इन छात्रों की सूची दी जाएगी। हर स्तर पर संतुष्टि मिलने के बाद ही इन छात्रों को क्लीनचिट मिल पाएगी। अगर कोई छात्र सामने नहीं आया तो उसे बल्वे से जोड़कर ही देखा जाएगा।
एएमयू कुलपति, सहकुलपति की अगुवाई में रात को पुलिस-प्रशासनिक टीम ने एसएस नार्थ, एसएस साउथ, वीएम और डॉ. बीआर अंबेडकर हॉलों में सर्च अभियान चलाया था। इस दौरान एसएस नार्थ व साउथ में चार-चार व वीएम हॉल में दो कमरे ऐसे मिले, जिन पर ताले थे। आसपास के छात्रों ने कई दिन से और कुछ के संबंध में घटना वाली रात से गायब होने की जानकारी दी। इन कमरों के ताले तुड़वाए गए। हालांकि ताले टूटने के बाद कोई आपत्तिजनक सामान तो नहीं मिला। मगर कपड़े, बिस्तर या खाली बैग जरूर मिले। यह सामान जब्त कर लिया गया। एएमयू पीआरओ के अनुसार कमरों से संबंधित सभी छात्रों की सूची बनाई जा रही है। या फिर खुद कोई छात्र आकर कमरा अपना बताएगा तो उसे भी उसी प्रक्रिया से गुजरना होगा। अगर कोई सामने नहीं आएगा तो उन्हें बलवे से संबंधित ही माना जाएगा।
इस संबंध में पूरी जानकारी पुलिस को भी दी जाएगी। अगर सामने नहीं आया तो उस कमरे से संबंधित छात्र जांच की जद में आ जाएंगे। इधर, कमरों के बंद रहने के पीछे संकेत हैं कि यहां निश्चित तौर पर आपराधिक या बाहरी तत्वों का कब्जा होगा, जिनकी जानकारी हॉल के छात्रों व अधिकारियों को होगी। इसलिए वहां से लोग गायब थे।