एएमयू में बवाल और दो पूर्व छात्रों की हत्या के पांचवें दिन भी कैंपस में खामोशी कायम रही। मगर बुधवार को आरएएफ जरूर वापस हो गई। हालांकि देर शाम तक एएमयू इंतजामिया के स्तर से आरएएफ को फिलहाल कुछ दिन और तैनात रखने के लिए केंद्र स्तर पर वार्ता व पत्राचार जारी है और देर रात तक निर्णय आने की उम्मीद है। इधर, पुलिस ने विवेचना के क्रम में बृहस्पतिवार को हत्या व बवाल के करीब एक दर्जन नामजदों के खिलाफ अदालत से गैरजमानती वारंट लिए जाएंगे और वारंट जारी होने के बाद नोटिस नामजदों के मूल पतों पर चस्पा कराए जाएंगे। साथ में गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार हाथ पैर मार रही हैं।
एएमयू में हुए बवाल के बाद से आरएएफ यहां तैनात है। हालांकि पहले ही दिन से एएमयू इंतजामिया के स्तर से यह प्रयास किए जा रहा है कि आरएएफ करीब एक पखवाड़ा तक तैनात रहे। इसके लिए एएमयू 1.70 लाख रुपये प्रतिदिन बजट देने को भी तैयार है। मगर इस संबंध में डीजी आरएएफ और गृह मंत्रालय के स्तर से संकेत न मिलने पर बुधवार को आरएएफ कैंपस से हट गई। हालांकि आरएएफ के हटते ही एएमयू कुलपति के स्तर से डीजी आरएएफ और केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय से संपर्क साधा गया। साथ ही पत्राचार भी किया गया। डीजी स्तर से उन्हें आश्वासन मिला है कि वह इस संबंध में खुद गृह मंत्रालय में वार्ता कर रहे हैं। एएमयू पीआरओ के अनुसार उम्मीद है कि देर शाम तक आरएएफ तैनाती के संबंध में नया आदेश मिल जाएगा और देर रात तक आरएएफ वापस आ जाएगी। इधर, पुलिस स्तर से मुकदमों की विवेचना, सीसीटीवी, सर्विलांस की मदद से जांच का काम जारी है। इसी क्रम में अब तक के साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने नामजदों के खिलाफ गैरजमानती वारंट अदालत से लेने की तैयारी पूरी कर ली है। इस संबंध में बृहस्पतिवार को अदालत में गैरजमानती वारंट के लिए आवेदन किया जाएगा। वारंट मिलते ही आरोपियों के मूल पतों पर नोटिस चस्पा कराने के लिए टीमें भेजी जाएंगी। अब चाहे मूल पता पश्चिम बंगाल का हो या फिर बिहार का। किसी भी कीमत पर आरोपियों को मोहलत नहीं दी जाएगी। अगर इसके बाद भी उनके परिजनों के स्तर से हाजिर कराने या गिरफ्तारी में मदद नहीं की गई तो कुर्की तक के प्रयास किए जाएंगे। इसके अलावा अब अज्ञात लोगों के नाम भी बयानों व सीसीटीवी आदि के आधार पर मुकदमे में बढ़ाए जा रहे हैं।