खलीलाबाद में पकड़ा गया रोहिंग्या अजीजुल हक उर्फ अजीजुल्लाह 2001 में वर्मा से भागकर भारत आने के बाद अलीगढ़ भी रहा है। उससे पूछताछ में खुलासे के बाद यह भी संकेत मिले हैं कि उसे अलीगढ़ से एक व्यक्ति से फंडिंग हुई है। इस जानकारी के बाद एटीएस टीम ने बुधवार सुबह-सुबह यहां शहर के देहली गेट इलाके के मकदूम नगर में दबिश देकर एक रोहिंग्या लेबर ठेकेदार से पूछताछ की और कुछ महत्वपूर्ण जानकारी मिलने पर उसे अपने साथ ले गई है। हालांकि इस कार्रवाई को बेहद गोपनीय रखा गया। मगर इलाके से यह बात छनकर बाहर आ गई है। संकेत हैं कि फंडिंग को लेकर उससे पूछताछ होनी है। उसके बाद ही कोई नया खुलासा हो सकेगा।
एटीएस व पुलिस सूत्रों के अनुसार खलीलाबाद में अजीजुलहक पुत्र मो.शरीफ उर्फ अजीजुल्लाह पुत्र बदरे आलम हाल पता नौरो बखिरा चमरसन संत कबीर नगर मूल निवासी नयाफारा थाना बुत डिंग जिला अक्याब रखाइन वर्मा के पकड़े जाने के बाद तमाम जानकारियां उजागर हुई हैं। उसका परिवार भी भारत आने के बाद फर्जी दस्तावेजों के सहारे रह रहा है।
उसके पास भी भारत में बने तमाम फर्जी दस्तावेज मिले हैं। उससे यह भी जानकारी हुई कि वह अलीगढ़ में रहकर मीट फैक्ट्रियों में काम करने वाले रोहिंग्या के बीच काफी समय गुजारकर गया है। यहां उसके एक रोहिंग्या लेबर ठेकेदार से बेहतर रिश्ते थे। उसके जरिये उसे अलीगढ़ से भी फंडिंग का इनपुट मिला है।
इसी आधार पर टीम सुबह-सुबह यहां पहुंची और मकदूम नगर की उस बस्ती में पहुंचकर लेबर ठेकेदार से पूछताछ की। काफी देर अकेले में पूछताछ करने के बाद टीम उसे अपने साथ ले गई। इस संबंध में लखनऊ में प्रेसवार्ता के दौरान कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। बस इतना बताया गया कि अलीगढ़ में एक व्यक्ति से पूछताछ हुई है। जिससे फंडिंग के संकेत मिले हैं।
वहीं सूत्र बताते हैं कि जिसे यहां से ले जाया गया है, उससे पूछताछ के बाद इन सवालों के जवाब मिलने हैं कि अजीजुल्लाह को फंडिंग किस उद्देश्य से और किसकी मदद से की गई। अगर कोई और भी फंडिंग में शामिल रहा है तो कौन है। अगर सिर्फ ठेकेदार ने फंडिंग की है तो कहां से और क्यों? सूत्रों के अनुसार इस विषय में बृहस्पतिवार को कोई जानकारी मिल सकती है। वहीं मकदूम नगर इलाके में यह शोर है कि ठेकेदार से अलीगढ़ में ही किसी ठिकाने पर पूछताछ की जा रही है।
- लखनऊ से ही एक टीम यहां किसी प्रकरण में आई थी। वर्मा के एक व्यक्ति से पूछताछ की गई है। इससे ज्यादा कोई जानकारी नहीं है। बाकी जानकारी लखनऊ से ही जांच कर रही एजेंसियों से मिल पाएगी।
- मुनिराज जी, एसएसपी