सासनी गेट क्षेत्र में मथुरा रोड स्थित पाइप लाइन बिछाने वाली कंपनी के गोदाम पर धावा बोलकर बदमाश मंगलवार रात डाका डाला। चौकीदार को बंधक बनाकर दस लाख रुपये कीमत के पाइप लूट ले गए। खबर पर हरकत में आई पुलिस ने चंद घंटों की घेराबंदी के बाद चार लुटेरों को माल सहित दबोच लिया। एक साथी भाग जाने में सफल रहा।
एसपी क्राइम डॉ. अरविंद कुमार ने प्रेसवार्ता में बताया कि नगर निगम क्षेत्र में जलनिगम के द्वारा पाइप लाइन बिछाने का काम कराया जा रहा है, जिसका जिम्मा आगरा के ओपी गुप्ता की फर्म पर है। ओपी गुप्ता ने अपनी फर्म का गोदाम मथुरा रोड पर माहेश्वरी इंटर कॉलेज के पास मैदान में बना रखा है। गोदाम पर नरेंद्र कुमार बतौर चौकीदार तैनात है।
घटनाक्रम मंगलवार रात करीब ढाई बजे का है। स्कार्पियो में सवार होकर आए आधा दर्जन बदमाशों ने गोदाम पर धावा बोल दिया और चौकीदार को बंधक बनाकर कैंटर मेटाडोर में वहां रखे डीआई ब्रांड के करीब दस लाख कीमत के पाइप लूट ले गए।
बदमाशों के जाने के बाद खुद को बंधन मुक्त कर चौकीदार ने पुलिस कंट्रोल रूम और फर्म के अधिकारियों को जानकारी दी। इस सूचना पर इंस्पेक्टर सासनीगेट जावेद खां पुलिस टीम के साथ घेराबंदी में जुट गए। कुछ ही देर में पुराने बाईपास पर लुटेरों को स्कार्पियो समेत दबोच लिया। यह लोग आगे-आगे कैंटर स्क्वायड कर ले जा रहे थे और लूटे गए माल से लदी मेटाडोर पीछे चल रही थी।
पकड़े गए बदमाशों ने अपना नाम उन्नाव के बेहटा क्षेत्र के गांव जटपुरा जैथरा निवासी उस्मान व लल्लन, कानपुर के बिल्लौर का ब्रजकिशोर उर्फ बाबूजी, कानपुर के बिधूना क्षेत्र के जादौपुर का सुरेंद्र बाजपेई शामिल थे। वहीं पुलिस घेराबंदी के दौरान पांचवां साथी दिल्ली के भजनपुरा का संदीप उर्फ सुनील अंधेरे का लाभ उठाकर भाग गया।
पूछताछ में इन लोगों ने स्वीकारा कि उस्मान उनका गैंग लीडर है। प्रदेश में इस तरह की कई वारदातें इनके द्वारा की गई हैं। इनसे बरामद मेटाडोर व स्कार्पियो भी कानपुर से पंजीकृत हैं। उनके विषय में जानकारी जुटाई जा रही हैं।