जर्जर हालत में गभाना का बस स्टैंड।
- फोटो : SANVAD
परिवहन निगम की बसें गभाना कस्बे के अंदर न आकर बाईपास होकर ही निकल रही हैं। इससे लोग परेशान हैं। लंबे अर्से से बसों को कस्बे के अंदर से संचालित किए जाने की मांग परिवहन निगम से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक से कस्बे और आसपास के ग्रामीण करते आ रहे हैं।
लोगों का कहना है कि तड़के पहर और देर शाम के बाद टेंपो आदि नहीं चलते। यदि किसी को रोडवेज बस पकड़नी है तो निजी वाहन से ही बाईपास जाना अथवा वहां से आना पड़ रहा है। रात के समय अक्सर हादसे भी होते हैं। रात के समय बस को कस्बे के अंदर से लेकर जाने की बात पर यात्रियों और चालक-परिचालकों में नोकझोंक होती है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि कस्बे में बने बस स्टैंड से होकर बसें निकालने, बस स्टैंड के जीर्णोद्धार करने की मांग कई बार जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों से की जा चुकी है। किसी ने आज तक बस स्टैंड पर ध्यान नहीं दिया। बस स्टैंड में कैंटीन भी बनी थी, लेकिन बसों का संचालन बंद होने से बस स्टैंड खंडहर होने के साथ कैंटीन भी बंद है। बाईपास के ढाबों पर ही बसें खड़ी होती और निकल रही हैं।
-रोडवेज की बसें बाईपास से निकल रही हैं। इससे यात्रियों को परेशानी हो रही है। कस्बे से बसों का संचालन सुनिश्चित कराया जाए। -अनिल सिंह।
- कस्बे में बने रोडवेज बस स्टैंड की मरम्मत कराकर शुरू करा दिया जाए तो शायद बसों का संचालन कस्बे के अंदर से होने लगे। -सुरेश शर्मा।