बसों की कमी के चलते यात्री घंटों मसूदाबाद एवं सारसौल सेटेलाइट बस स्टैंड पर भटकते रहे। कुछ ने तो वाहन न मिलने पर अपना जाने का कार्यक्रम ही टाल दिया। उधर यात्रियों की मजबूरी का अवैध वाहन संचालकों ने खूब फायदा उठाया।
भाई दूज पर एक-दूसरे के घर जाने वाले भाई-बहनों को रोडवेज बसों की अव्यवस्थाओं का शिकार बनना पड़ा। दूसरे दिन भी भाई-बहन को बसों का घंटों इंतजार करना पड़ा। रोडवेज के बसों के फेरों बढ़ाने के दावे फेल दिखे। यात्री की संख्या में काफी कम बसों का संचालन हुआ, जिससे भाई-बहनों को घंटों भटकना पड़ा।
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कानपुर, एटा, मथुरा, आगरा, हाथरस, कासंगज, मुरादाबाद रूट पर यात्रियों की खासी भीड़ देखने को मिली। जहां एक से लेकर दो घंटे बाद बसें पहुंची तो उनमें पहले से ही यात्रियों की भीड़ मौजूद थी। बसों की कमी के चलते यात्री घंटों मसूदाबाद एवं सारसौल सेटेलाइट बस स्टैंड पर भटकते रहे। कुछ ने तो वाहन न मिलने पर अपना जाने का कार्यक्रम ही टाल दिया। उधर यात्रियों की मजबूरी का अवैध वाहन संचालकों ने खूब फायदा उठाया। निजी वाहन चालकों ने खूब मनमाना किराया वसूला।
रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक सत्येंद्र वर्मा ने बताया कि दीपोत्सव पर पर्याप्त बसें चलाईं गईं हैं। पिछले पांच दिनों में करीब ढाई लाख से अधिक यात्रियों ने सफर तय किया है। यात्रियों की संख्या के सापेक्ष बसों का संचालन किया गया है। इससे रोडवेज का लोड फैक्टर काफी बढ़ा है, जिससे इस बार अधिक लाभ होने की संभावना है।