शहर की सबसे खस्ताहाल रिंगरोड पर पेचवर्क करने के लिए शासन से बजट मिल गया है। एटा चुंगी से मुकुंदपुर, मथुरा बाईपास, नादा पुल से अंदरूनी जीटी रोड से होते हुए एटा चुंगी पर ही ये सड़क खत्म होती है। 36.25 किमी लंबी इस रोड को गड्ढा मुक्त करने के लिए 2.17 करोड़ रुपये मांगे गये थे, लेकिन शासन ने केवल 54.38 लाख रुपये का बजट दिया है। एक चौथाई बजट में ये जर्जरहाल सड़कें कितनी दुरुस्त होगी ये समझना कतई मुश्किल नहीं है।
इसी तरह से क्वार्सी थाने से तालानगरी की ओर एक किमी की सड़क पर एक इंच परत डाली जाएगी। इसके लिए 1.78 करोड़ रुपये मिले हैं। ये काम केवल क्वार्सी थाने से पीएसी के आगे एक किमी तक होगा। इसके बाद पीएसी के आगे तालानगरी से हरदुआगंज तक खस्ताहाल सड़क कब तक बनेगी..? इसका कोई अता पता नहीं है। वो भी तब जब ये सड़क प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री संदीप सिंह के पैतृक गांव मढ़ौली उनकी विधानसभा अतरौली को शहर से जुड़ती है।
जी हां, शासन से सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने का जो फरमान जारी हुआ था, उसका बजट कुछ ऐसा ही है। केवल पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड एक कार्यालय के क्षेत्राधिकार में देखें तो देहात की बदहाल 113 सड़कों की लंबाई लगभग 187 किमी है। इनको दुरुस्त करने के लिए 2.8 करोड़ रुपये मांगा गया था, लेकिन केवल 83 लाख रुपये ही मिले हैं। यही नहीं अलीगढ़ राया मथुरा रोड पर 9.5 किमी सड़क के लिए 24 लाख के सापेक्ष 19 लाख, अलीगढ़ राया मथुरा रोड पर हरौता के पास 3.38 किमी सड़क के लिए 4.74 लाख के सापेक्ष 2.54 लाख, गोंडा गोरई बेसवां की 15 किमी सड़क के लिए 20 लाख के सापेक्ष 15 लाख रुपये ही दिए गये हैं।
पीडब्ल्यूडी नोडल कार्यालय के अधीन आने वाली सड़कों पर भी ऐसा ही बजट है। यहां पर 70 किमी लंबी 13 प्रमुख सड़कों की मरम्मत के लिए केवल 86 लाख रुपये का बजट दिया गया है। 154 किमी 85 ग्रामीण मार्गों की मरम्मत के लिए केवल 55 लाख रुपये दिए गए हैं। इस कार्यालय से 1100 किमी सड़कों की मरम्मत की कार्ययोजना दी गई, जिसमें 485 किमी को ही गड्ढामुक्त करने की मंजूरी मिली। आधे से भी कम बजट और ठेकेदारों के टेंडर बहिष्कार के बीच सड़कें 15 जून तक कैसे गड्ढा मुक्त हो पाएंगी..? इसका ठोस जवाब अफसरों के पास भी नहीं है। अफसर यही कह रहे हैं जितना हो सकेगा उतना काम किया जाएगा।
हमने पूरे जिले की कार्ययोजना में 11 किमी सड़कों की मरम्म का प्रस्ताव भेजा था, जिसमें 485 किमी की मंजूरी मिली है। गड्ढामुक्त करने का काम जल्द ही शुरू करा दिया जाएगा। ठेकेदारों के बहिष्कार के चलते अब टेंडर की तारीख 6 मई तक बढ़ाई गई है।
- अल हसन मंसूर सिद्दीकी, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी नोडल आफिस
शासन से 15 जून तक सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित है। हमने इसका प्रस्ताव भेजा था, लेकिन आधे से भी कम धनराशि का आवंटन हुआ है। इसी बजट में काम होगा। पीडब्ल्यूडी में रजिस्टर्ड ठेकेदारों के टेंडर बहिष्कार के कारण अब टेंडर की तारीख 7 मई कर दी गई है। -प्रताप सिंह, एक्सईएन प्रांतीय खंड-एक