कौशल कुमार ओझा
वित्तीय अनियमितता, नियुक्ति में धांधली, शैक्षणिक स्तर में गिरावट और छात्रों के बीच टकराव आदि को लेकर पिछले कुछ वर्षों से अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय पूरे देश में सुर्खियों में है। इस स्थिति से एएमयू से भावनात्मक रूप से जुड़े लोग बेहद आहत हैं। मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा एएमयू के शैक्षणिक, शोध, वित्तीय एवं अधि संरचनात्मक ऑडिट के लिए एक्सपर्ट कमेटी गठित कर दी है, जो 8 मई को एएमयू में पहुंचने वाली है। पिछले साल (अप्रैल 2016) एएमयू में हुई आगजनी एवं फायरिंग में दो छात्रों की मौत हो गई थी। इस मामले की जांच न्यायमूर्ति इम्तियाज मुर्तजा ने की थी और जांच रिपोर्ट एएमयू प्रशासन के पास पहुंच गई है। ऐसे समय में एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. तारिक मंसूर को कुलपति के रूप में कांटाें से भरा ताज सौंपा गया है। प्रस्तुत है नए कुलपति प्रो. तारिक मंसूर से बातचीत के प्रमुख अंश...
सवाल - वित्तीय अनियमितता, नियुक्ति एवं प्रमोशन में धांधली के आरोप के कारण एएमयू सुर्खियों में रहा। आप इससे कैसे निपटेंगेे?
जवाब - पद भार ग्रहण के बाद सारे कार्य पारदर्शिता के साथ होंगे। एएमयू की इमेज को दुरुस्त करने का प्रयास करेंगे। किसी भी तरह के गलत कार्य एवं भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सवाल - मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा एएमयू की ऑडिट के लिए एक्सपर्ट कमेटी गठित की गई है।
जवाब - केंद्र सरकार द्वारा ऑडिट के लिए गठित एक्सपर्ट कमेटी को पूरा सपोर्ट देंगे।
सवाल - एएमयू के किशनगंज, मुर्शिदाबाद एवं मल्लापुरम केंद्र को आर्थिक संकट से कैसे निकालेंगे ?
जवाब - मानव संसाधन विकास मंत्रालय से फंड उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगे। जरूर सफलता मिलेगी।
सवाल- ताजा सर्वे रिपोर्ट में एएमयू की रैकिंग में गिरावट दर्ज की गई है?
जवाब - रैकिंग में सुधार प्राथमिकता सूची में शीर्ष पर है। रिसर्च आउटपुट बनाएंगे। टीचिंग में इंप्रूवमेंट का प्रयास करेंगे। छात्रों की सुविधाओं में विस्तार करेंगे। एकेडमिक जरूरतों का ध्यान रखेंगे और उसके लिए कार्य करेंगे। बेहतर माहौल बनाकर शिक्षक एवं छात्रों को क्षमता का पूरा प्रदर्शन करने का अवसर उपलब्ध कराएंगे।
सवाल - छात्रों के लिए क्या करेंगे?
जवाब - छात्र यूनिवर्सिटी के सबसे महत्वपूर्ण अंग हैं। लाइब्रेरी सुविधा को बेहतर बनाया जाएगा। जरूरत के हिसाब से हॉल एवं हॉस्टल बनवाएं जाएंगे। डायनिंग में बेहतर भोजन की व्यवस्था होगी। उन्हें ऐसी तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगे, जिससे वह पढ़ाई, शोध, खेल या किसी अन्य क्षेत्र में अपना सर्वोत्तम दे सकें।
सवाल - आप अनुशासन पर बहुत जोर देते हैं। कुलपति के रूप में इस लक्ष्य को कैसे हासिल करेंगे?
जवाब - किसी भी व्यक्ति या संस्था की सफलता के लिए अनुशासन जरूरी है। इससे कोई समझौता नहंी किया जाएगा। यूनिवर्सिटी में बाहरी लड़कों को आकर हंगामा खड़ा करने का अवसर नहीं दिया जाएगा। जरूरत पड़ी तो सरकार से मदद लेंगे।
सवाल - आपका घर मैरिस रोड पर है। कुलपति का पदभार ग्रहण करने के बाद कहां रहेंगे?
जवाब - वीसी लॉज में (हंसते हुए)। यूनिवर्सिटी को सुचारु रूप से चलाने के लिए वीसी लॉज में रहना जरूरी है।
एएमयू की शैक्षणिक, शोध व वित्तीय ऑडिट 8 को
एएमयू के शैक्षणिक, शोध, वित्तीय एवं अधि संरचनात्मक ऑडिट के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा गठित पांच सदस्यीय एक्सपर्ट कमेटी 8 मई को एएमयू में पहुंच रही है। कमेटी के सदस्य 8 से 12 मई के बीच ऑडिट करेंगे। एएमयू को इससे संबंधित तीन पेज का फार्मेट भेज दिया गया है। कुलपति जमीरउद्दीन शाह ने तमाम चेयरमैन, डीन, प्रिंसिपल एवं अधिकारियों के साथ शुक्रवार को बैठक कर ऑडिट से संबंधित जरूरी कागजात तैयार रखने का निर्देश दिया है। एएमयू के अधिकारियों को आवंटित कुल बजट से लेकर उसके इस्तेमाल तक का ब्योरा देना होगा। यह भी बताना है कि एएमयू में कितने कांफ्रेंस आयोजित हुए। यहां के शिक्षक कितनी कांफ्रेंस में शामिल हुए और कितने पेपर प्रस्तुत किये। एएमयू द्वारा अब तक कितने पेटेंट फाइल किये गये और कितने अवार्ड हुए, इसकी भी सूचना देनी है। स्मार्ट क्लास रूम की संख्या, लाइब्रेरी, लाइब्रेरी में उपलब्ध पुस्तकों की संख्या, नामांकन के लिए कितने छात्र आवेदन करते हैं और कितने को दाखिला मिलता है, जैसे प्रश्नों के भी जवाब अधिकारियों को तैयार करने को निर्देशित किया गया है। एएमयू रजिस्ट्रार प्रो. जावेद अख्तर ने बताया कि ऑडिट टीम के कुछ सदस्य 8 मई को आने वाले हैं, जबकि कुछ अलग-अलग तिथि में आएंगे। 8 से 12 मई के बीच ऑडिट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक्सपर्ट कमेटी को अगले तीन साल की योजना भी बतानी है। उल्लेखनीय है कि मंत्रालय द्वारा गठित पांच सदस्यीय एक्सपर्ट कमेटी के कोआर्डिनेटिंग ऑफिसर बंगलूरू के सुधांशु मोहंती हैं। इसके अन्य सदस्यों में महर्षि दयानंद सरस्वती यूनिवर्सिटी अजमेर के वाइस चांसलर प्रो. कैलाश सोदानी, आईआईटी मद्रास के डॉ. श्रीपद करमालकर, गोहाटी यूनिवर्सिटी के डॉ. मजहर आसिफ एवं आईआईएम बंगलूरू के प्रो. शंकरशन बसु शामिल हैं।