सम्पर्क मार्ग निर्माण की बाट जोह रहा। संवाद
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मथुरा जिले की सीमा पर स्थित गोंडा ब्लॉक नगला जोतू गांव जिले की सीमा का अंतिम गांव है, जिसका संपर्क मार्ग प्रथम बनने के इंतजार में आज भी है। खैर-टैटीगांव मार्ग से नगला जोतू गांव को जोड़ने वाला तीन किलोमीटर लंबा संपर्क इतना बदहाल है कि इस दूरी को पूरी करने में बाइक सवार को 30 मिनट का समय लग रहा है।
यह रास्ता मंडी समिति के अधीन है। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब दस वर्ष से इस मार्ग की मरम्मत तक नहीं हुई। गांव निवासी लखीराम सिंह, गंगा प्रसाद, पूरन सिंह फौजी, गलवीर सिंह, जुगेंद्र सिंह, किशन सिंह, प्रीतम सिंह, बनवारी लाल, राधेश्याम ने बताया कि इस संपर्क मार्ग में डामर नाममात्र का बचा है। पूरी सड़क पर हर 20 मीटर में गड्ढे हैं। पूरे रास्ते में रोड़ी-गिट्टी फैली है। जनसुनवाई पोर्टल सहित सांसद-विधायक को भी कई बार सड़क की समस्या बताई गई लेकिन सड़क नहीं बनी।
करीब 2500 आबादी वाले इस गांव का यही एकमात्र संपर्क मार्ग है। ग्रामीणों के अनुसार बारिश के दिनों में इस सड़क पर निकलना मुश्किल हो जाता है। गर्मी में दिन भी सड़क पर धूल का गुबार उड़ता है। गंभीर बीमारी से पीड़ितों को अस्पताल ले जाते समय उनकी तबीयत और बिगड़ जाती है। लखीराम सिंह और पूर्व प्रधान गंगा प्रसाद ने बताया कि 10 साल से गांव वाले इस समस्या से जूझ रहे हैं।
अभी कुछ सड़कों की मरम्मत के लिए धन जारी किया गया है। प्राथमिकता के आधार पर सड़कों की मरम्मत कराई जा रही है। इस सड़क पर भी मरम्मत का काम कराया जाएगा। -आजाद कुमार सोनकर, डीडी मंडी निर्माण, अलीगढ़