प्राथमिक स्कूलों में बच्चों को गरम भोजन बनाकर खिलाने वाली भोजन माताओं (रसोइया) के खातों में मंगलवार को साढ़े तीन माह का बकाया मानदेय पांच हजार रुपये पहुंच गया। मानदेय न मिलने की उनकी परेशानी पर संवाद न्यूज एजेंसी की खबर एक अक्तूबर के अंक में अमर उजाला ने प्रकाशित की थी।
चंडौस ब्लॉक के 160 परिषदीय स्कूलों में 359 भोजन माताओं (रसोइया) कार्यरत हैं। इन सभी को साढ़े तीन माह का मानदेय नहीं मिला था। इससे उनके समक्ष घर का खर्च चलाने का संकट खड़ा हो गया था। अब बेसिक शिक्षा विभाग ने अप्रैल माह के 15 दिन सहित जुलाई और अगस्त माह तक का मानदेय रसोइयों के खातों में भेज दिया है। सितंबर माह का मानदेय बाकी है, जिसके बढ़कर मिलने की उन्हें उम्मीद है, क्यों कि इसकी घोषणा हाल ही में मुख्यमंत्री ने की थी। मानदेय मिलने पर भोजन माताओं ने अमर उजाला का आभार जताया।
- भोजन माताओं का ढाई माह का मानदेय देकर शिक्षा विभाग ने अच्छा कार्य किया है। इससे इनके घरों में दीपावली व दशहरा की खुशियां रौनक होंगी। - डॉ. अमित चौहान, अध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षक संघ चंडौस