अलीगढ़। सड़क हादसों के प्रति गंभीर उत्तर प्रदेश सरकार ने विमान हादसों की तर्ज पर क्रैश इन्वेस्टिगेशन कराने का निर्णय लिया है। उत्तर प्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य है, जो इस तरह की जांच कराएगा। आगरा से नोएडा वाया अलीगढ़ यमुना एक्सप्रेसवे को क्रैश इन्वेस्टिगेशन के लिए चुना गया है। सरकार ने दिल्ली की सेव लाइफ फाउंडेशन के साथ मिलकर सर्वे का काम शुरू कर दिया है। इसके तहत हादसों के विभिन्न पहलुओं पर अध्ययन कर सुझाव दिए जाएंगे। पांच जिलों से होकर गुजरने वाले इस एक्सप्रेसवे पर हादसों की जांच के लिए परिवहन विभाग और यातायात पुलिस से हर जिले में अलग-अलग नोडल अधिकारी बनाए गए हैं। अगले चरण में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को चुना जाना प्रस्तावित है।
देश में अभी तक विमान हादसा होने पर क्रैश इन्वेस्टिगेशन होती है। इस जांच के तहत हादसे की तह तक जाया जाता है, जिससे कि भविष्य में उस प्रकार के हादसों को रोका जा सके। इंटरनेशनल रोड फेडरेशन की रिपोर्ट पर यूरोप और ब्रिटेन में वाहन हादसों की क्रैैश इन्वेस्टिगेशन शुरू की गई। हादसे की वजह जानने के लिए दुर्घटना ग्रस्त वाहन की तकनीकी जांच होती है। सड़क की लंबाई, चौड़ाई, ऊंचाई, उसे बनाने में इस्तेमाल किए मैटेरियल पर रिसर्च की जाती है। इन सब चीजों के आधार पर हादसे के हर पहलु पर रिपोर्ट तैयार होती है। उस रिपोर्ट के आधार पर सड़क बनाने व चालकों के प्रशिक्षण के संबंध में सुझाव दिए जाते हैं।
यमुना एक्सप्रेसवे पर 2019 में 175 लोगों की हुई मौत
यमुना एक्सप्रेसवे को 2012 में परिचालन में लाया गया। आगरा से नोएडा तक इसकी लंबाई 165 किलोमीटर और चौड़ाई 100 मीटर है। आगरा से होकर मथुरा, हाथरस, अलीगढ़ व गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) तक जाने वाले इस एक्सप्रेसवे का 18 किमी हिस्सा अलीगढ़ और दो किमी लंबा हिस्सा हाथरस जिले की सीमा से लगता है। अब तक इस मार्ग पर 5500 हजार से अधिक हादसों में 1000 से अधिक लोगों ने अपनी जान गंवाई है। 2019 में 151 हादसे हुए, इनमें 175 लोगों की मौत हुई। इससे पहले 2018 में 149 हादसे हुए। इनमें 124 लोगों की मौत हुई। 2017 में 763 सड़क हादसे हुए जिनमें 146 लोगों की मौत हुई।
आगरा के आरटीओ प्रवर्तन परिवहन विभाग से नोडल नामित
क्रैश इन्वेस्टिगेशन के लिए आगरा मंडल के आरटीओ प्रवर्तन अनिल कुमार को परिवहन विभाग की ओर से नोडल अधिकारी बनाया गया है। वह आगरा सहित अलीगढ़ और गौतमबुद्ध नगर के आरटीओ का प्रतिनिधित्व करेंगे। साथ ही अलीगढ़ से एसपी ट्रैफिक सतीश चंद्र और हाथरस से सीओ सादाबाद को नामित किया गया है। इसी प्रकार मथुरा और गौतमबुद्ध नगर में भी यातायात पुलिस की ओर से अधिकारी नामित किए गए हैं। यह अधिकारी सेव लाइफ फाउंडेशन को सर्वे और हादसों की जांच के लिए हर पहलु पर जरूरी डाटा व संसाधन मुहैया कराएंगे।
पुलिस को पढ़ाया जाएगा क्रैश इन्वेस्टिगेशन का कोर्स
यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़े पांच जिलों की पुलिस को पहले चरण में क्रैश इन्वेस्टिगेशन का कोर्स कराया जाएगा। देश में कुछ तकनीकी संस्थानों में यह कोर्स कराया जा रहा है। कोर्स कराने की जिम्मेदारी सेव लाइफ फाउंडेशन को दी गई है। कोर्स के लिए दरोगा और इंस्पेक्टरों को चिन्हित करने का काम शुरू हो गया है। ऐसे में वाहन दुर्घटना का मामला दर्ज होने पर उसकी विवेचना के लिए उसी इंस्पेक्टर या दरोगा को सक्षम माना जाएगा, जो इसका कोर्स कर चुका होगा। साथ ही वाहन की तकनीकी जांच के लिए परिवहन विभाग के संभागीय निरीक्षक को भी जांच टीम में रखा जाएगा।
वाहन हादसों में क्रैश इन्वेस्टिगेशन की शुरूआत करने वाला उप्र पहला राज्य है। यमुना एक्सप्रेसवे से इसकी शुरूआत हो रही है। सेव लाइफ फाउंडेशन के साथ प्रदेश सरकार का करार हुआ है। परिवहन विभाग से आगरा के आरटीओ प्रवर्तन को नोडल बनाया गया है। अलीगढ़ से एसपी ट्रैफिक नोडल हैं। आगामी वर्षों में वाहनों हादसों पर लगाम लगाने की दिशा में यह कदम बेहद सार्थक साबित होगा। - फरीदउद्दीन, आरटीओ प्रवर्तन, अलीगढ़ मंडल