राशन कार्ड लाभार्थी को प्रति यूनिट दो किलो गेहूं और तीन किलो चावल दिए जाते हैं। लाभार्थियों को शिकायत रहती है कि दिए गए चावल में काले दाने और घुन तक निकलती है।
दो वर्ष में 24 के खिलाफ दर्ज हैं मुकदमे
राशन के चावल की अवैध खरीद फरोख्त में पिछले दो वर्षों में प्रशासन की ओर से 24 लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया गया है। प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद विभाग को भेजे गए पत्र में इन मुकदमों का जिक्र भी किया गया है। साथ ही उन लोगों की सूची भी भेजी गई है जिनके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3\7 मुकदमा दर्ज किया गया। वर्ष 2023 में 17 मुकदमे दर्ज कराए गए। जबकि सन 2024 में 7 मुकदमे 16 लोगों के खिलाफ दर्ज कराए गए।
प्रशासन की टीम ने कार्ड धारकों के बीच जाकर बातचीत की। लोगों का कहना था कि उनको चावल की जगह अन्य खाद्य सामग्री दी जाए। यहां पर मक्का, बाजरा भी खाया जाता है। इसके अलावा जो भी खाद्य सामग्री अब दी जाएगी वह पूरी तरह जांच परख कर दी जाएगी। - संजीव रंजन, जिलाधिकारी