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करबन नदी के पुनरुद्धार को 12 किमी का क्षेत्र संरक्षित

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विलुप्त हो चुकी नदियों को पुनर्जीवित करने की शृंखला में नीम नदी व करबन नदी को पुनर्जीवित करने का काम शुरू हो गया है। बुलंदशहर की ओर से आ रही करबन नदी को पुनर्जीवित करने के क्रम में शुक्रवार को एसडीएम गभाना के नेतृत्व में राजस्व टीम ने चंडौस ब्लाक में नदी का 12 किमी एरिया संरक्षित कराया। इसके किनारे का अतिक्रमण ध्वस्त कराया।
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मेरठ, बुलंदशहर की ओर से आ रही करबन नदी चंडौस ब्लाक के गांव डेटा सैदपुर से जनपद में प्रवेश करती है। तहसील की टीम ने इसी गांव में 12 किमी एरिया संरक्षित कराया। इस दौरान नदी के बहाव वाले इलाकों के अतिक्रमण भी हटवाए गए। बताते चलें कि यह नदी चंडौस ब्लाक के गांव डेटा सैदपुर से होकर चंडौस, ऐलमपुरा, सूरजपुर जरारा, डेटाटा खुर्द, रामपुर शाहपुर, जमुनाका, सुदेशपुर होकर इगलास के करीब आठ गांवों से होकर हाथरस अलीगढ़ सीमा के गांव तूरी होते हुए सादाबाद होती हुई आगरा के रामबाग इलाके के पास यमुना नदी में मिलती है। एसडीएम गभाना अनीता यादव ने बताया कि करबन नदी को पुनर्जीवित करने के लिए 12 किमी एरिया संरक्षित करा लिया है। यह काम निरंतर जारी रहेगा।
मंगलवार तक आएगी सर्वे रिपोर्ट
करबन नदी के बहने के रास्ते में आने वाले ब्लाक एवं गांवों की रिपोर्ट मंगलवार तक तैयार हो जाएगी। सर्वे कर रहे सिंचाई विभाग के जेई श्रीनिवास ने बताया कि गूगल मैप देखकर नदी के बहने के क्षेत्रों का आंकलन कर लिया गया है। इसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। यह मंगलवार तक जिला प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत कर दी जाएगी।
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