ऑक्सीजन की कमी के चलते रिटायर्ड सूबेदार मेजर महिपाल सिंह ने दम तोड़ दिया। उन्हें शुक्रवार को बुखार व सांस में दिक्कत होने पर मलखान सिंह जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी मौत हो गई। शनिवार को दाह संस्कार किया गया।
सूबेदार मेजर के बेटे भूपेंद्र कुमार ने बताया कि पिताजी की 5-7 दिन से तबीयत खराब चल रही थी। उन्हें गांव करनपुर, गभाना से अलीगढ़ के निजी अस्पताल में लाए, लेकिन वहां पर ऑक्सीजन नहीं थी। फिर मलखान सिंह जिला अस्पताल ले आए। पहले उनकी कोविड-19 की जांच की गई, जिसमें रिपोर्ट नकारात्मक आई। इसके बाद उन्हें कमरा नंबर-8 में शिफ्ट कर दिया गया।
भूपेंद्र ने आरोप लगाया कि कमरे में न तो कोई डॉक्टर था, न ही ऑक्सीजन सिलिंडर था। ऑक्सीजन लेवल जांचने के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी, क्योंकि पिताजी को सांस लेने में परेशानी हो रही थी। शनिवार को पैतृक गांव करनपुर में महिपाल सिंह का अंतिम संस्कार किया गया।
पूर्व सैनिकों ने उन्हें सलामी दी। इस अवसर पर रिटायर्ड कर्नल आरके सिंह, कैप्टन आसीन खां, कैप्टन आरके चौहान, कैप्टन महेंद्र सिंह राजौरा, सार्जेट अनिल कुमार, हवलदार हरवीर सिंह, हवलदार अनिल कुमार, सूबेदार मेजर चंद्रपाल सिंह, सूबेदार भागोरी सिंह, सूबेदार भगवान सिंह, हवलदार हरिशंकर, हवलदार गजेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।