मरीजों को घर से हॉस्पिटल ले जाने और हॉस्पिटल से घर तक छोड़ने के नाम पर एंबुलेंस संचालकों द्वारा वसूले जा रहे मनमाने दामों पर प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है। किराए की दरें एंबुलेंसों की श्रेणी के हिसाब से निर्धारित कर दी हैं। साथ ही एआरटीओ प्रवर्तन अमिताभ चतुर्वेदी को नोडल अधिकारी बनाया गया है। वहीं, एडीएम प्रशासन की देखरेख में एंबुलेंस का पूरा संचालन होगा।
मुख्य विकास अधिकारी अंकित खंडेलवाल की ओर से जारी पत्र के मुताबिक बिना ऑक्सीजन सेवा वाली एंबुलेंस के लिए पहले 10 किमी का किराया 1000 रुपये और इससे अधिक एंबुलेंस के चलने पर 100 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से किराया तय किया गया है।
ऑक्सीजन सेवा वाली एंबुलेंस के लिए पहले 10 किलोमीटर का किराया 1500 रुपये और इसके बाद एंबुलेंस के चलने पर 100 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से किराया तय किया गया है। वेंटिलेटर/वाई पैप एंबुलेंस के लिए प्रथम 10 किलोमीटर का किराया 2500 रुपये और इससे अधिक चलने पर 200 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से किराया तय किया गया है।
सीडीओ ने साफ किया है कि यह किराया मरीज को प्रति टिप के अनुसार देना होगा। मरीज को अस्पताल छोड़ने के बाद एंबुलेंस वापसी पर मरीज को कोई किराया नहीं देना है। बता दें कि जिले में करीब 300 एंबुलेंस संचालित हैं, इनमें 50 के करीब ऑक्सीजन सपोर्ट सुविधा युक्त हैं।
किराया अधिक मांगने पर इन नबंरों पर करें शिकायत
नोडल अधिकारी एआरटीओ 9984228600
एडीएम प्रशासन 9454417745
कोरोना कंट्रोल रूम 05712420100, 05712420101, 05712420102