कोरोना संक्रमण की धीमी रफ्तार को देखते हुए दुकानें और बाजार खोलने का समय बढ़ा दिया गया है। सोमवार से शुक्रवार के बीच अब बाजार सुबह सात बजे से रात 9 बजे तक खोले जा सकेंगे। शनिवार और रविवार को कोरोना कर्फ्यू लागू रहेगा। साथ ही कोविड कंटेनमेंट जोन को छोड़ कर सभी रेस्टोरेंट और होटल 50 प्रतिशत की क्षमता से खुलेंगे। जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने रविवार शाम को इसका आदेश जारी कर दिया है। शासन के दिशानिर्देशों के तहत नई व्यवस्था सोमवार से लागू हो जाएगी।
जिलाधिकारी के आदेश के अनुसार, सरकारी कार्यालयों में सौ फीसदी की उपस्थिति के साथ कामकाज होगा। यथासंभव निजी कंपनियां फिलहाल वर्क फ्राम होम को प्रोत्साहित करेंगी। सभी निजी कंपनियों में कोविड हेल्प डेस्क अनिवार्य रूप से रहेगी। आदेश के अनुसार, रेस्टोरेंट, होटल सुबह सात से रात नौ बजे तक खोले जाएंगे। कोविड कंटेनमेंट जोन को छोड़ कर सभी रेस्टोरेंट और होटल 50 प्रतिशत की क्षमता से खुलेंगे। रेस्टोरेंट और होटल के एंट्री प्वाइंट पर पल्स ऑक्सीमीटर, इंफ्रारेड थर्मामीटर, सैनिटाइजर के साथ कोविड हेल्प डेस्क चालू रहेगी। ग्राहकों को एक-एक कुर्सी छोड़ कर सामाजिक दूरी का पालन करते हुए बैठाया जा सकेगा। बीच की कुर्सियों पर डू नॉट सिट लिख कर मार्किंग करना अनिवार्य होगा। मिठाई, फास्ट फूड और स्ट्रीट फूड की दुकानों में उपरोक्त शर्त की अनिवार्यता के पालन के साथ बैठकर अथवा खड़े होकर खाने की अनुमति होगी। सब्जी मंडियां पूर्व की भांति ही खुली रहेंगी। घनी आबादी की सब्जी मंडियों को यथासंभव खुले स्थानों पर संचालित किया जाएगा। सब्जी मंडी में भी एक कोविड हेल्प डेस्क होनी चाहिए।
शादी समारोह में 50 अतिथियों के साथ कार्यक्रम हो सकेगा। कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना प्रवेश द्वार पर करनी होगी। सामाजिक दूरी का पालन करना अनिवार्य होगा। धार्मिक स्थलों पर एक समय में 50 से अधिक लोगों के आने की मनाही रहेगी। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड में आने जाने वालों की कोरोना टेस्ट होता रहेगा। इस दौरान बीमार मिलने वालों को अस्पताल भेजा जाएगा। दोपहिया वाहनों पर हेलमेट, मास्क या फेसकवर पहनना अनिवार्य रहेगा। ऑटो में ड्राइवर के साथ केवल दो लोग चल सकेंगे। ई रिक्शा में भी यही नियम रहेगी। चार पहिया वाहन में चार लोग बैठ सकेंगे।
सिनेमा हाल, स्वीमिंग पुल, स्टेडियम, जिम अभी बंद रहेंगे। स्कूल, कॉलेज, शिक्षण संस्थाओं, कोचिंग आदि में पूर्व की भांति आनलाइन पढ़ाई ही हो सकेगी। बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा के कर्मचारियों को कार्यालय आने की अनुमति रहेगी। पुलिस भीड़ को एकत्र होने से रोकेगी। भीड़भाड़ वाले कार्यक्रम, जुलूस आदि पर रोक रहेगी।