टप्पल कस्बे में आम रास्ते की जगह पीछे कब्रिस्तान की ओर घर का गेट लगाने पर 18 दिन से जारी तनाव बुधवार को आपसी समझ से सुलट गया। गांव की पंचायत में आपसी सहमति बनी और मकान मालिक ने लगवाए गए गेट की जगह ईंटों से दीवार चुनवा दी। समझौते का पत्र भी पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों को सौंप दिया।
दरअसल पीपली गांव निवासी चौधरी विक्रम सिंह ने टप्पल कस्बे में जमीन खरीदकर अपना मकान बनवा रहे हैं। उनके प्लॉट के पीछे कब्रिस्तान है। उन्होंने पीछे की दीवार में भी एक गेट लगवा दिया जो कब्रिस्तान की ओर खुल रहा था। कब्रिस्तान कमेटी का तर्क था कि इससे भविष्य में अन्य लोग भी कब्रिस्तान की ओर अपने-अपने घरों के दरवाजे खोल लेंगे और कब्रिस्तान की जमीन पर आम रास्ता बनाकर आवाजाही शुरू हो जाएगी। इससे भविष्य में विवाद की स्थिति पैदा हो सकती है।
पांच सितंबर को गेट लगते ही कब्रिस्तान कमेटी सुरक्षा समिति के संरक्षक वाहिद खान ठेकेदार की ओर से समाधान दिवस में शिकायती पत्र दिया गया। एसडीएम के आदेश पर 15 सितंबर को लेखपाल ने जमीन की पैमाइश की। 19 सितंबर को एसडीएम को दी गई रिपोर्ट में बताया कि दरवाजा कब्रिस्तान की ओर लगाया गया है। 21 सितंबर को रईस खान के आवास पर राष्ट्रीय किसान मजदूर यूनियन (अ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी रमेश कुमार अत्री की अध्यक्षता में पंचायत बुलाई गई।
इसमें चौधरी विक्रम सिंह सहित कब्रिस्तान कमेटी की ओर से इरशाद खान, दिलशाद अली खान, तेजवीर सिंह, मोहम्मद इस्लाम, वाहिद खान ठेकेदार मौजूद रहे। पंचायत में दोनों पक्षों के गिले-शिकवे दूर हुए। तय हुआ कि छोटी सी बात के लिए आपसी सद्भाव खराब नहीं होने देना चाहिए। मकान मालिक चौधरी विक्रम सिंह ने अपने निर्माणाधीन मकान के पिछले गेट को बंद करने की सहमति जताई।
मंगलवार को नायब तहसीलदार टप्पल रविशंकर, राजस्व निरीक्षक बनी सिंह, इंस्पेक्टर क्राइम अशोक कुमार यादव और लेखपाल विनोद कुमार शर्मा को समझौता पत्र सौंपा गया। इंस्पेक्टर क्राइम ने बताया कि दोनों पक्षों ने आपसी समझ से विवाद को सुलझा लिया है।