एएमयू में गैर मुस्लिम छात्रा को पीतल का हिजाब पहनाने की धमकी देने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अब इसमें अखिल भारत हिंदू महासभा के पदाधिकारी भी कूद गए हैं। महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को पत्र लिखकर एएमयू से मजहबी ड्रेस कोड हटाने की मांग की है।
राष्ट्रीय प्रवक्ता का कहना है कि छात्रा ने पूर्व में सीएए और एनआरसी का समर्थन किया था। इससे नाराज छात्रों ने पीतल का हिजाब पहनकर एएमयू में आने की धमकी दी थी। उन्होंने कहा कि एएमयू केंद्रीय विश्वविद्यालय है। इसके बावजूद यहां मजहबी कट्टरवाद चल रहा है। यहां इस्लामिक वेशभूषा छात्राओं के लिए हिजाब एवं छात्रों के लिए शरेवानी टोपी पहनना अनिवार्य है।
अशोक पांडेय का कहना है कि अल्पसंख्यक स्वरूप पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी। लेकिन यूनिवर्सिटी में आज भी धार्मिक कानून चलते हैं। यहां पर जिन्ना की तस्वीर लगी हुई है। भाजपा के सांसद यूनिवर्सिटी कोर्ट के सदस्य हैं। लेकिन कुछ को इस कैंपस में घुसने नहीं दिया जाता है। सरकार द्वारा बनाए गए कानून यहां नहीं चलते। अशोक पांडेय ने एएमयू पर और भी कई गंभीर आरोप लगाए।