श्री राम कथा पंडाल में श्रद्वालुओं की भीड़
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गांव लधौआ में चल रही श्रीराम कथा एवं 108 कुंडीय महायज्ञ के पांचवें दिन बृस्पतिवार को कथा व्यास जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य महाराज ने कहा कि राम नाम सभी रोगों की सर्वोत्तम औषधि है। जिस प्रकार शरीर के रोग निदान के लिए दवा आवश्यक है, उसी प्रकार मन और आत्मा के विकारों का उपचार राम के नाम का स्मरण करने तथा रामकथा के श्रवण से होता है।
उन्होंने कहा कि कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन को सकारात्मक दिशा देने का माध्यम है। रामकथा मनुष्य के भीतर भक्ति, शांति, प्रेम और सदाचार का संचार करती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से नियमित रूप से राम नाम का जाप करने और प्रभु श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
जगद्गुरु ने युवाओं से अपनी संस्कृति, धर्म और पारिवारिक मूल्यों की रक्षा करने का आह्वान किया। युवाओं को अपनी परंपराओं के प्रति सजग रहना चाहिए और ऐसे किसी भी प्रलोभन से बचना चाहिए, जो समाज और परिवार में दुर्भावना की स्थिति पैदा करे। इसलिए अंतर धार्मिक विवाह से बचना चाहिए क्योंकि विवाह एक पवित्र वैदिक संस्कार है और इसे अपनी धार्मिक परंपराओं एवं परिवार की मर्यादाओं के अनुरूप ही संपन्न करना चाहिए।
उन्होंने महिलाओं के सम्मान और उनकी सुरक्षा पर बल देते हुए कहा कि समाज को नारी सम्मान की रक्षा के लिए सदैव सजग रहना चाहिए। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के उद्घोष के साथ धर्म और संस्कृति के संरक्षण का संकल्प लिया। इस मौके पर आयोजक ठा.देवेंद्र सिंह, नीतू सिंह तथा मनीष मिश्र ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया।