बन्नादेवी थाना पुलिस ने रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाले युवक को गिरफ्तार किया है। वह 3400 रुपये कीमत वाला रेमडेसिविर इंजेक्शन 22 हजार रुपये में बेच रहा था। पुलिस ने उसके पास से चार इंजेक्शन बरामद किए हैं। पकड़ा गया आरोपी जेएन मेडिकल कॉलेज में संविदा पर बार्ड ब्वाय की नौकरी करता था।
बन्नादेवी पुलिस को खबर मिली कि एक युवक रेमडेसिविर इंजेक्शन ब्लैक में बेच रहा है। वह एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज में संविदा पर वार्ड ब्वाय की नौकरी करता है। इसी नौकरी की आड़ में वह कहीं से कोरोना बीमारी में दिए जाने वाले इंजेक्शन लेकर आ रहा है।
जांच में यह भी पता चला कि पूर्व में वह कुछ इंजेक्शन बेच चुका है। इसके बाद शुक्रवार रात पुलिस ने मसूदाबाद चौराहे के पास से धीरेंद्र बघेल निवासी नंदनवन कॉलोनी मेलरोज बाईपास, देहलीगेट को स्कूटी सहित दबोच लिया। स्कूटी में 4 रेमडेसिविर इंजेक्शन भी बरामद हुए।
यह इंजेक्शन बाजार में 34 सौ रुपये प्रति कीमत से मिल रहे हैं और युवक उन्हें मुखबिर को 22 हजार रुपये प्रति कीमत से बेचने आया था। बन्नादेवी थाने में युवक के खिलाफ धोखाधड़ी, महामारी अधिनियम, आपदा प्रबंधन अधिनियम व औषधि प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर शनिवार को उसे जेल भेजा गया है।
- कोरोना महामारी के समय में संक्रमित व्यक्तियों की प्राण रक्षा में कारगर इंजेक्शन रेमडेसिविर की मांग को देखते हुए कालाबाजारियों के सक्रिय होने की लगातार सूचनाएं मिल रही हैं। इसी कड़ी में उनकी धरपकड़ के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत बन्नादेवी पुलिस ने चार रेमडेसिविर इंजेक्शन सहित एक युवक को गिरफ्तार किया है, जिसे वह ब्लैक में बेचने जा रहा था। वह 20 से 25 हजार रुपये में जरूरतमंद लोगों को बेचकर कालाबाजारी कर रहा था। - कुलदीप सिंह गुणावत, पुलिस अधीक्षक नगर