छह दिसंबर को बाबरी मस्जिद की शहादत की बरसी के अवसर पर एएमयू के कैनेडी हाल के पास छात्रों ने शाम को एक सभा का आयोजन किया। इसमें बाबरी मस्जिद की शहादत पर गम का इजहार किया। वक्ताओं ने इस दिन को इंसानियत को दागदार करने वाली घटना वाला दिन बताते हुए आने वाली नस्लों को भी इससे अवगत कराने का आह्वान किया।
छात्र नेता फैजुल हसन ने बताया कि 9 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट का फैसला अयोध्या के संबंध में आया। इस फैसले को पूरे देश ने स्वीकार किया। अदालत ने अपने फैसले में यह कहीं नहीं कहा कि मंदिर को तोड़कर मस्जिद बनाई गई थी। बल्कि कहा है कि जो फैसला दिया गया है वह आस्था के आधार पर दिया गया है। इसके अलावा जो पुनर्विचार याचिका दायर की गई है वह संवैधानिक प्रावधान के तहत की गई है। यही संविधान की भावना भी है, लेकिन देखने में आ रहा है कि बात बात पर मुसलमानों को ही लक्ष्य बनाकर निशाना बनाया जा रहा है। एनआरसी के प्रावधानों में कहा जा रहा है कि इसमें मुसलमानों को छोड़कर सभी को नागरिकता दी जाएगी।
यह देश के गृहमंत्री को शोभा नहीं देता है। सरकार का फर्ज सभी कोे इंसाफ देना और सभी के हितों को सुरक्षित रखना है। शाम को जो सभा की गई है उसमें भी बेहद शांति और सलीके के साथ सभी ने अपनी बात कही है। विश्वविद्यालय के कैंपस मुद्दों पर चर्चा के लिए होते हैं। यही काम छात्रों ने किया है क्योंकि स्वस्थ समाज में सभी मुद्दों पर खुलकर बात होनी चाहिए। वही काम यहां पर हुआ है। इस अवसर पर तल्हा मन्नान, सरजील उस्मानी, अहमद मुस्तबा फैराज, बरदा बेग आदि मौजूद थे।
एएमयू में सभा और आडवाणी की पोस्ट पर भड़के भाजपाई
एएमयू में छह दिसंबर को लेकर शाम छह बजे कैंपस में कैनेडी हाल के पास एक सभा होनी है। इसकी सूचना शुक्रवार को सोशल मीडिया पर दी गई और साथ में एक चित्र भी पोस्ट किया गया जिसमें लाल कृष्ण आडवाणी को बाबरी मस्जिद के संदर्भ में दिखाया गया। इस पोस्ट में आडवाणी के चित्रण को लेकर भाजयुमो पदाधिकारियों ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई और थाना सिविल लाइन में तहरीर दी दी। जिसके बाद दो छात्रों के खिलाफ 67 आईटी एक्ट के तहत नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है।
भाजयुमो के जिला प्रवक्ता प्रतीक चौहान की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में कहा गया है कि शुक्रवार को एएमयू के कुछ छात्रों द्वारा देश के पूर्व गृहमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी के चित्र के साथ आपत्तिजनक छेड़छाड़ कर माहौल के बिगाड़ने का पुरजोर प्रयास किया गया। जहां देश के प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और जिले के उच्च अधिकारी आपस में माहौल शांत बनाये रखने की अपील कर रहे हैं, वहीं एक बार फिर एएमयू के अंदर के कुछ छात्र बाबरी मस्जिद गिरने एवं उस पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को गलत बताते हुए उस पर मीटिंग का आयोजन कर माहौल को बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं।
इस संबंध में थाना सिविल लाइन के सीओ अनिल समानिया, एसीएम द्वितीय रंजीत सिंह को तहरीर दी गई। इस अवसर पर हिंदू युवा वाहिनी के उपाध्यक्ष सुधीर सिंह जादौन, आलोक प्रताप सिंह, अमन गुप्ता, अंकित खत्री, राहुल सागर, दीपक कुमार, शशांक वार्ष्णेय आदि मौजूद थे। बाद में इस तहरीर पर तल्हा मन्नान खान और सरजील उस्मानी के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
बाबरी मस्जिद की बरसी पर एएमयू कैंडी हॉल के पास सभा करते हुए एएमयू छात्र।- फोटो : CITY OFFICE