लॉकडाउन के दौरान दूसरे प्रदेश व जनपदों से लौटे प्रवासी श्रमिकों को पुन: स्थापित करने की तैयारी है। इन सभी को प्रवासी राहत मित्र एप के माध्यम से नौकरी प्रदान की जाएगी। मंगलवार को इस मामले में हुई बैठक में अपर जिलाधिकारी वित एवं राजस्व विधान जायसवाल ने बताया कि कोविड-19 वायरस संक्रमण काल में प्रवासी श्रमिकों को आजीविका एवं नौकरी उपलब्ध कराने के लिए एप लांच किया है। इसका उद्देश्य अन्य प्रदेशों से विभिन्न जनपदों में आने वाले प्रवासी नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ, उनके स्वास्थ्य की निगरानी एवं विशेष कर उनके कौशल के आधार पर भविष्य में नौकरी एवं आजीविका प्रदान करने में मदद करना है।
जनपद में अब तक विभिन्न प्रांतों से आए 5 हजार प्रवासी श्रमिकों का डाटा संग्रह किया जाना है। एप के माध्यम से आश्रय केंद्र में ठहरे हुए व्यक्तियों एवं किसी कारण से अन्य प्रदेशों से सीधे अपने घरों को पहुंचे प्रवासी व्यक्तियों का भी पूरा विवरण भी लिया जाएगा, ताकि उत्तर प्रदेश में आने वाला कोई भी प्रवासी छूट न पाए। प्रवासी राहत मित्र एप में व्यक्ति की मूलभूत जानकारियां जैसे नाम, शैक्षिक योग्यता, स्थाई पता, खाता नंबर, कोविड-19 से संबंधित स्क्रीन की स्थिति एवं अनुभव के साथ 17 विभिन्न प्रकार की जानकारियां अपलोड किए जाने के साथ ही 65 से भी ज्यादा प्रकार के कौशल का विवरण एकत्रित किया जाएगा।
बताया कि वर्तमान में कोविड संक्रमण के दौरान अन्य प्रांतों से आए प्रवासी नागरिकों को दी जाने वाली सहायता राशि के वितरण की स्थिति भी एप में दर्ज की जाएगी। किसी भी प्रकार की डुप्लीकेशन से बचने के लिए यूनिक मोबाइल नंबर को आधार बनाया गया है। इस एप का ऑफलाइन भी इस्तेमाल किया जा सकता है। नगरीय एवं शहरी क्षेत्र के लिए शासन द्वारा अपर जिलाधिकारी प्रशासन, ग्रामीण क्षेत्र के लिए डीपीआरओ को डेटा संग्रह की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है।