जिले के करीब 1.42 लाख विद्युत उपभोक्ताओं को प्रीपेड मीटर से बड़ी राहत मिली है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा जारी नए आदेशों के तहत अब प्रीपेड मीटर लगाने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है।
प्रीपेड मीटर व्यवस्था के खिलाफ उपभोक्ताओं के लगातार विरोध को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। अब शेष बचे उपभोक्ताओं के यहां सीधे स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे, जिन्हें प्रीपेड में परिवर्तित नहीं किया जाएगा। जनपद में कुल लगभग 2.77 लाख विद्युत उपभोक्ता हैं, जिनमें से करीब 1.35 लाख उपभोक्ताओं के यहां पहले ही स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं और उन्हें प्रीपेड मोड में किया जा चुका है।
हालांकि अब इन मीटरों की व्यवस्था में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत अब शेष बचे करीब 1.42 लाख उपभोक्ताओं के पुराने मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे, जिससे उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।