हाथरस में बिटिया के परिवार से मिलने जा रहे सपा के प्रतिनिधिमंडल सहित तमाम सपाइयों पर बृहस्पतिवार दोपहर हाथरस में लाठीचार्ज के बाद उन्हें हिरासत में लेकर अलीगढ़ पुलिस लाइन लाया गया। बसों में भरकर यहां पुलिस लाइन पहुंचे सपाइयों ने लाठीचार्ज के विरोध में जमकर गुबार निकाला और पुलिस प्रशासन व सरकार विरोधी नारेबाजी पुलिस लाइन और जेल के गेट पर की। कई सपाई गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं। इसे लेकर सपा अब उग्र आंदोलन की रणनीति बना रही है। इस दौरान सपा ने कांड की सीबीआई जांच की मांग की है।
सपा प्रदेश हाईकमान के निर्देश पर एक प्रतिनिधिमंडल बिटिया के परिवार से मिलने जा रहा था। इसको लेकर तमाम सपाई एकत्रित होकर यहां से रवाना हुए थे। इस प्रतिनिधिमंडल में पूर्व विधायक ठा. राकेश सिंह, एमएलसी जसवंत सिंह, विनोद सविता, छात्र सभा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अतुल प्रधान, सर्वेश आंबेडकर, रामकरन निर्मल, पूर्व मंत्री जुगल किशोर वाल्मीकि, पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल, जैनुद्दीन चौधरी व अलीगढ़ सपा जिलाध्यक्ष गिरीश यादव शामिल थे। इनमें से अतुल प्रधान के साथ कुछ सपाई पहले से चंदपा पर धरने पर बैठे थे, जबकि कुछ अलीगढ़ से रवाना हुए थे। हालांकि इन्हें पहले मडराक और सासनी पर रोकने की कोशिश की गई। मगर, पुलिस इन्हें रोकने में सफल नहीं हो सकी।
इसके बाद जैसे ही ये चंदपा से पहले भूरा नगला चौराहे पर पहुंचे तो पुलिस से इनकी भिड़ंत हो गई। लाठीचार्ज के बाद इन्हें हिरासत में लिया गया। इन्हें बसों में भरकर पुलिस टीम ने पहले मडराक टोल पर छुड़वाया तो ये मडराक पर ही धरने पर बैठ गए। इनकी जिद थी कि इन्हें जेल भेजा जाए। बाद में पुलिस इन्हें पुलिस लाइन लाकर छोड़ दिया गया। इस दौरान इन्होंने जमकर पुलिस प्रशासन व सरकार विरोधी नारेबाजी की। जेल के गेट पर भी प्रदर्शन किया। इस लाठीचार्ज में राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य विनोद सविता, मनोज यादव के फ्रैक्चर हुआ है, जबकि जिलाध्यक्ष गिरीश यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक यादव, पूर्व महानगर अध्यक्ष अज्जू इशहाक, आशीष मोहन, तरुण चौहान, काफिस आब्दी आदि के भी चोटें आई हैं।
पुलिस लाइन में पूर्व विधायक ठा.राकेश सिंह ने मीडिया को दिए बयान में कहा कि सरकार जब-जब सपा से डरती है, तब तब पुलिस को आगे करती है। हम लोग बिटिया के परिवार से ही तो मिलने जा रहे थे। इसमें लाठीचार्ज की जरूरत क्यों पड़ी, यह समझ नहीं आ रहा। उन्होंने कहा कि हम आगे फिर प्रयास करेंगे और बेटी के परिवार से मिलकर रहेंगे। उन्होंने इस कांड की सीबीआई जांच की मांग की। इधर, विनोद सविता ने कहा कि घटनाक्रम से ये साफ हो गया कि जब विपक्ष के लोगों के प्रति योगी सरकार इस तरह पेश आ रही है तो आम जनमानस का क्या हाल होगा।
इस मौके पर ठा. राकेश सिंह, अज्जू इशहाक, ख्वाजा हसन जिब्रान, गवेद्र सिंह, शीशपाल यादव, गुड्डा यादव, हमीद घोसी, अफजाल हमीद राजेश खटीक, युनिस, सलीम सैफी, तरुण चौहान, कुंवर बहादुर बघेल, राजेश यादव, राहत अली, रतन शर्मा, सादाब जैदी, सूरजपाल राणा, इसरार सोलंकी, मनोज यादव, विजय सिंह, शकुंतला सिंह, डा. गुलस्तना, दुर्गेश यादव, प्रशांत वाल्मीकि, अनिल सिंह, मुकेश सूर्यवंशी, रत्नाकर पांडे, पंकज यादव, जैकी ठाकुर, शहजाद अल्बी, अफजाल हमीद, दिनेश यादव आदि शामिल थे।
इधर, समाजवादी पार्टी प्रतिनिधिमंडल पर लाठी चार्ज के विरोध में सपा नेता रुबीना खानम सपा महिला कार्यकर्ताओं के साथ जमालपुर रोड पर धरने पर बैठ गईं। रुबीना का आरोप है कि महिला कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस ने बर्बरता की है। उन्होंने कहा है कि योगी सरकार लोकतंत्र की हत्या कर रही है। सरकार विपक्ष पर नही, लोकतंत्र पर लाठीचार्ज कर रही है।
हाथरस जाते हुए रास्ते में पुलिस द्वारा रोके जाने पर सपाइयों और पुलिस के बीच हुई धक्कामुक्की ।- फोटो : CITY OFFICE
जिला कारागार अलीगढ़ के गेट पर बाहर बैठे सपाई। मौके पर जिलाध्यक्ष गिरीश यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष अश- फोटो : CITY OFFICE