महानगर के जाने-माने उद्योगपति वर्ष 2021-22 के आम बजट को प्रगतिशील मान रहे हैं। लोहा एवं कॉपर पर ड्यूटी घटने से ताला एवं हार्डवेयर इंडस्ट्री को सीधा लाभ मिलेगा। यही नहीं, बजट में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी गई है। इसका लाभ भी यहां के उद्यमियों को मिलेगा।
लॉकडाउन के बाद कच्चे माल (आयरन और पीतल) का रेट बढ़ने से ताला एवं हार्डवेयर उद्योग को सबसे अधिक नुकसान हो रहा था। वर्तमान में गुणवत्तापूर्ण लोहा 70 रुपये एवं पीतल 357 रुपये प्रति किलो के आसपास बिक रहा है। आयरन एवं कॉपर पर ड्यूटी घटने से कच्चे माल की कीमत गिरने की उम्मीद है। पीतल में 60-70 प्रतिशत तक कॉपर होता है। अलीगढ़ में लोहा एवं पीतल की व्यापक स्तर पर खपत होती है। बजट में विकास कार्यों पर जोर दिया गया है। अस्पताल, मेट्रो का विस्तार, कॉरिडोर, रेलवे लाइन, घर-घर जल पहुंचाने के लिए पाइप लाइन आदि का प्रावधान बजट में है। इसका भी लाभ ताला एवं हार्डवेयर उद्योग को मिलेगा। उद्यमियों का कहना है कि हालात को देखते हुए बजट बहुत अच्छा है।
डायनेमिक एवं प्रगतिशील बजट है। विकास को प्राथमिकता दी गई है। बीमा एवं बैंक का निजीकरण बहुत बड़ा फैसला है। निर्मला सीतारमण ने बजट से सबका दिल जीत लिया है।
धनजीत वाड्रा, उद्योगपति
बजट भाषण समाप्त होने के बाद ही बाजार ने रिकार्ड तेजी दर्ज की है। जाहिर है कि बजट कैसा है। प्रगतिशील एवं विकास पर केंद्रित बजट है। एमएसएमई के लिए भी घोषणा हुई है। यहां के उद्योग को फायदा होगा।
विजय बजाज, उद्योगपति
लोहा, कॉपर, स्क्रैप का रेट कम होने से यहां की इंडस्ट्री को सीधा लाभ मिलेगा। कच्चे माल के रेट में तेजी से उद्योग प्रभावित हैं। सरकार का जोर आयात से ज्यादा निर्यात पर है। घरेलू कारखानों को बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
प्रशांत सिंघल, निर्यातक
बजट में अलीगढ़ को सीधा कुछ नहीं मिला है। लेकिन अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। खासकर कच्चे माल का रेट घटने से यहां की इंडस्ट्री को सबसे अधिक फायदा होगा। यह वक्त की जरूरत है।
सुभाष गोयल, निर्यातक
कोरोना की वजह से घरेलू बाजार बुरी तरह प्रभावित हुई है। लॉक एवं हार्डवेयर का कारोबार ठप पड़ गया। निर्यात की नीति को और सरल बनाने की जरूरत है। कच्चे माल की कीमत कम होने से ताला उद्योग को लाभ मिलने की उम्मीद है।
पवन खंडेलवाल, उद्योगपति