मंदी के कारण महानगर के उद्यमियों को आवश्यक मद में भुगतान करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बिजली बिल जमा नहीं करने के कारण तालानगरी औद्योगिक क्षेत्र में करीब 34 से अधिक उद्यमियों की बिजली काट दी गई थी। इसमें से कुछ उद्यमी ऐसे भी है जिनका भुगतान बिजली बिल में गड़बड़ी के कारण नहीं हुए थे।
भादों (भाद्रपद) का महीना व्यापार के लिए बहुत अच्छा नहीं माना जाता है। वैश्विक मंदी के कारण स्थिति और विकट होती जा रही है। केरल, महाराष्ट्र, बिहार सहित कई प्रदेशों में बाढ़ से भी व्यापार को नुकसान हो रहा है। ताला, हार्डवेयर एवं इलेक्ट्रीकल आइटम आदि के कारोबार पर संकट है।
काम कम होने एवं पेमेंट नहीं आने से आवश्यक मदों में भुगतान मुश्किल होता जा रहा है। पिछले दिनों बिजली विभाग द्वारा तालानगरी में करीब 34-35 बकाएदारों के कनेक्शन काट दिए गए थे। हालांकि इसमें में करीब 15 से अधिक उद्यमियों ने जैसे-तैसे पैसे का इंतजाम कर भुगतान कर दिया।
उसके बाद उनके कनेक्शन जोड़ दिए गए। बिल में गड़बड़ी के कारण भी कुछ का भुगतान रुका हुआ है। इसके लिए उद्यमी विभाग का चक्कर लगा रहे हैं। उद्यमी दिनेश अग्रवाल का कहना है कि मंदी के कारण काम नहीं है। इसकी वजह से उद्यमियों को परेशानी हो रही है।
बिजली विभाग के जेई देवऋषि का कहना है कि तालानगरी में करीब 34-35 कनेक्शन काटे गए थे। बकाया धनराशि जमा करने के बाद करीब 15 कनेक्शन जोड़ दिए गए हैं। ज्यादातर लोगों के पास दो-दो महीने के बकाए हैं। कुछ लोगों को बिजली बिल पर आपत्ति है, इसलिए भी पेमेंट नहीं आए हैं।
मंदी की वजह से बाजार में तरलता एवं उद्यमियों के पास पूंजी की कमी है। इस कारण आवश्यक मद जैसे बिजली आदि के बिल के भुगतान में कठिनाई हो रही है।
- सुनील दत्ता, महामंत्री, तालानगरी औद्योगिक विकास एसोसिएशन