एएमयू बवाल के बाद भड़काऊ भाषण देने के आरोप में गिरफ्तार गोरखपुर के डॉ.कफील की मुश्किलें कम नहीं हो रहीं। जिला प्रशासन द्वारा कफील पर लागू रासुका की कार्रवाई की अवधि तीन माह और बढ़ा दी गई है।
इस तरह अब वह नवंबर माह तक जेल में निरुद्ध रहेंगे। वहीं, कफील के संबंध में हाईकोर्ट में दायर याचिका पर 15 दिन में सुनवाई कर निस्तारण के निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने भी दिए हैं।
डॉ. कफील के मामलों में यहां पैरवी कर रहे अधिवक्ता इरफान गाजी के अनुसार डॉ. कफील पर रासुका लगाए जाने के बाद शासन स्तर से पूर्व में छह माह का निरुद्ध आदेश दिया गया था। इस आदेश के तहत इस साल 13 फरवरी से जेल में निरुद्ध डॉ. कफील इस माह में रासुका से मुक्त हो जाते।
लेकिन, शासन ने अब यह अवधि तीन माह के लिए और बढ़ा दी है। उनका निरुद्ध आदेश कुल 9 माह के लिए कर दिया गया है जो नवंबर तक प्रभावी रहेगा।