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तेज माइक और गालीगलौज से गर्माया जलाली

Thu, 01 Jun 2017 02:11 AM IST
अमर उजाला, अलीगढ़
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जलाली चौकी में दोनों पक्षों के लोगों से बातचीत करते एसओ हरदुआगंज। - फोटो : अमर उजाला
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सांप्रदायिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील कस्बे में सहरी की उद्घोषणा के लिए लगाए गए माइक से तेज आवाज में नात (संगीतमयी धार्मिक संदेश) बजाने पर उपजे विवाद में एक पक्ष के शराबी युवक की हरकत ने आग में घी का काम किया। बुधवार देर शाम इस युवक ने गाली गलौज कर कस्बे में सांप्रदायिक तनाव पैदा कर दिया। खबर पर कुछ ही देर में बाजार बंद हो गया और दोनों पक्षों की भीड़ आमने-सामने आ गई। खबर पर एसओ हरदुआगंज फोर्स के साथ कस्बे में पहुंच गए और कई घंटे की पंचायत व समझौता वार्ता के बाद माहौल को शांत कराया गया।
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वाकये के अनुसार कस्बे के मोहल्ला नसीर में रहने वाले कपिल अग्रवाल के घर के बराबर इमामबाड़ा है, जिसमें हर साल की तरह इस साल भी माह रमजान में सहरी की उद्घोषणा के लिए इमामबाड़े के कर्ता-धर्ता शाहिद ने लाउड स्पीकर लगा रखा है। जिसमें सुबह पौने तीन बजे से करीब साढ़े तीन बजे तक तो सहरी के समय की आवाज लगाई जाती है, इसके बाद तेज आवाज में नात बजने लगती हैं। इसे लेकर कई दिन से कपिल की ओर से विरोध दर्ज कराया जा रहा था। कपिल का कहना था कि सहरी की आवाज लगाना ठीक है, मगर इसके बाद नात अगर आप बजा रहे हैं तो उसकी आवाज धीमी रखा करें। बुधवार तड़के तीन बजे जब कपिल ने यह विरोध घर से निकलकर दर्ज कराया तो उसकी शाहिद से कहासुनी भी हुई। इसके बाद सुबह कपिल ने चौकी में शिकायत की तो पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाकर समझाकर मामला रफा दफा करा दिया। 

इसके बाद बुधवार देर शाम कपिल अपनी किराने की दुकान पर बैठा था। तभी दूसरे पक्ष का एक युवक शराब के नशे में उसकी दुकान पर पहुंचा और बुरी तरह गाली गलौज करते हुए उसे जान से मारने की धमकी तक दे डाली। बस इसी बात पर बाजार में सांप्रदायिक तनाव पैदा हो गया। एक तरफ जहां कपिल ने 100 नंबर पर सूचना दे दी और दोनों पक्षों की भीड़ जमा हो गई। भीड़ को देख बाजार भी बंद हो गया। इस खबर पर उसी समय चौकी इंचार्ज मौके पर पहुंच गए और कपिल को तहरीर देने के लिए चौकी बुला लाए।
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बाद में वहां एसओ हरदुआगंज डॉ. विनोद कुमार भी पहुंच गए। उन्होंने दोनों पक्षों के संभ्रांत लोगों को बुलाकर दोनों की रजामंदी पर तय किया कि सहरी का समय बताने के लिए माइक से आवाज बेशक लगाई जाए। जिस पर किसी को आपत्ति नहीं है। मगर नात बजाने का कोई औचित्य नहीं है, यदि चलानी हो तो धीमी आवाज में ही चलाएं। ताकि किसी को शिकायत का मौका न मिले। इस पर दोनों पक्षों की रजामंदी हुई और वहां नशे में गाली-गलौज करने वाले युवक पर कार्रवाई करना तय हुआ। इसके बाद दोनों पक्ष वहां से चले गए। कस्बे में फोर्स की गश्त बढ़ा दी गई है। एसओ के अनुसार मामले में नशे में बदतमीजी करने वाले पर कार्रवाई की जा रही है।

इब्नेबतूता ने की थी जलाली के सौहार्द की तारीफ
कस्बा जलाली का बेहद गौरवमयी इतिहास रहा है। महान दार्शनिक इब्नेबतूता ने भारत भ्रमण के दौरान जलाली में भी प्रवास किया था। इसके बाद जब उन्होंने अपनी किताब लिखी तो उसमें स्पष्ट उल्लेख किया कि जलाली कस्बे जैसा सांप्रदायिक सौहार्द कहीं देखने को नहीं मिला। वर्ष 2007-08 में जब यहां अर्से बाद रावण दहन को लेकर विवाद खड़ा हुआ था तो उस समय तत्कालीन एसपी देहात अतुल सक्सेना ने इस तथ्य को इब्नेबतूता की किताब से तलाश कर उसकी फोटो प्रतियां कस्बे में बंटवाई थीं। तब यहां माहौल सामान्य हुआ था। मगर कुछ खुराफाती ऐसे हैं जो कभी रावण दहन तो कभी होलिका दहन और अब सहरी के माइक को लेकर विवाद पैदा करने से बाज नहीं आते।

कस्बे में एक शराबी युवक की हरकत पर विवाद हुआ था, जिसे दोनों पक्षों को समझाकर शांत करा दिया गया। युवक पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। रहा सवाल विवाद की वजह का तो माइक पर भी दोनों पक्षों में रजामंदी बन गई है। - राजेश पांडेय, एसएसपी
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