अलीगढ़ के जेएन मेडिकल कॉलेज ट्रामा सेंटर के रिकवरी वॉर्ड में भरती मानसिक दिव्यांग युवती संग गुरुवार आधी रात को दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया। इस घिनौनी हरकत का आरोप मेडिकल कॉलेज के बाहर संचालित एक मेडिकल स्टोर के कर्मचारी पर है। उसने बेसहारा युवती से मदद के नाम पर यह वारदात की है।
आधी रात को हुई वारदात की खबर उस समय लगी, जब युवती अपने बेड से गायब थी। सुरक्षाकर्मी जब उसे खोजना शुरू किया तो वह बाथरूम से हड़बड़ाती हुई निकली और अंदर मौजूद युवक पर गंदी हरकत का आरोप लगाया। आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया गया। सिविल लाइंस पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
मेडिकल कॉलेज ट्रामा सेंटर के प्रथम तल रिकवरी वार्ड ईएसटी में मानसिक रूप से दिव्यांग करीब 22 वर्षीय युवती 18 जुलाई से भरती है। उसे आरपीएफ द्वारा एक्सीडेंट में जख्मी होने पर भर्ती कराया गया था। तब से उसका वहीं इलाज चल रहा है। चूंकि उसके घर परिवार की कोई जानकारी नहीं है। इसलिए मेडिकल कॉलेज स्टाफ ही उसकी देख रेख भी कर रहा था।
सुरक्षाकर्मी ने आरोपी युवक को पकड़ा
वाकया गुरुवार रात करीब 12:30 बजे इमरजेंसी सीएमओ इंचार्ज ने सुरक्षाकर्मी को कहा कि काफी देर से युवती अपने बेड पर नहीं है। देखो कहीं चली तो नहीं गई। इस पर गार्ड सरताज अली व सुपरवाइजर मो. नदीम ने युवती को इधर-उधर तलाशना शुरू किया। इसी बीच मुख्य गैलरी के बाथरूम से युवती हड़बड़ाती हुई निकली और पीछे से बाहर निकल रहे एक युवक पर खुद के साथ गलत काम करने का आरोप लगाया। सुरक्षाकर्मी ने आरोपी युवक को पकड़ लिया।
दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज
पूछताछ में उसने अपना नाम क्वार्सी के महेशपुर फाटक निवासी वारिस बताया और कहा कि वह बाहर मेडिकल स्टोर पर नौकरी करता है। इस पर तत्काल मेडिकल कालेज अधिकारियों को पूरा वाकया बताया गया। खबर पर सिविल लाइंस पुलिस पहुंच गई। आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया गया। मामले में सिक्योरिटी गार्ड सरताज की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया गया है।
मेडिकल कॉलेज में हुई घटना को लेकर आरोपी को पकड़ लिया गया है। दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। युवती के मेडिकल परीक्षण व बयान आदि की प्रक्रिया की जा रही है। युवती मानसिक रूप से दिव्यांग है। यह बात डॉक्टरों ने भी बताई है। वह अपने विषय में ज्यादा कुछ नहीं बता पा रही। बस नाम बताती है। जानकारी करने का प्रयास किया जा रहा है।
-श्वेताभ पांडेय, सीओ तृतीय