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किशोरी का दुपट्टा लापता..मौके से मिल रहे खास सुराग

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किशोरी के शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जा रहे परिजनों ने चिरंजीलाल इंटर कॉलेज के सामने सड़क पर शव - फोटो : CITY OFFICE
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किशोरी की हत्या के बाद से खुलासे में जुटी पांच टीमों को दिन में मौके से महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। सबसे खास बात है कि किशोरी का दुपट्टा लापता है और एक दस साल का ऐसा बालक पुलिस के हाथ लगा है, जो घटना की कड़ियां जोड़ने में मददगार रहा है। इन सुरागों के आधार पर रविवार रात से ही हिरासत में लिए गए पांच युवकों से सोमवार देर रात तक पूछताछ का दौर जारी था। खुद एसएसपी ने देर रात तक अकराबाद थाने में बैठकर उनसे पूछताछ की। इस दौरान एक युवक पर संदेह टिका है, जो बार-बार बयान बदल रहा है। अब उससे पूछताछ के आधार पर मिले तथ्यों के सहारे मंगलवार को पुलिस एक बार फिर घटनास्थल पर जाकर तथ्यों को देखगी। फिर किसी नतीजे पर पहुंचेगी।
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एसएसपी मुनिराज जी ने रविवार रात ही पांच टीमों का गठन किया था। एसपी देहात शुभम पटेल व एसपी क्राइम डॉ.अरविंद के नेतृत्व में गठित टीमों में सीओ बरला, सीओ अतरौली, सीओ तृतीय, इंस्पेक्टर क्वार्सी, एसओ जवां, एसओजी व सर्विलांस टीमें शामिल हैं। इन टीमों को टॉस्क दिया गया था कि घटना के पहले से लेकर घटना के बाद तक घटनास्थल के आसपास खेतों में कौन लोग काम कर रहे थे। उन सभी से पूछताछ की जाए। साथ में दोनों गांवों के ऐसे युवकों को चिह्नित करना तय किया गया कि कौन कौन घटना के बाद से गायब हैं। इसी में घटना खुलने का पूरा अनुमान था।
ऐसे मिलते चले गए पुलिस को सुराग
इसी आधार पर पुलिस ने जब काम शुरू किया तो एक दस साल का बालक सामने आया जो पुलिस का काफी मददगार साबित हुआ। इस बालक की मदद से पास के गांव के उन दो युवकों को हिरासत में लिया गया जो घटनास्थल से चंद कदमों की दूरी पर अलग-अलग नलकूपों की मदद से अपने खेतों में पानी लगा रहे थे। इसके अलावा तीन ऐसे युवक हिरासत में लिए गए जो गांव के हैं। इसी बीच जांच में यह भी पता चला कि किशोरी का दुपट्टा कहां गायब है। इसकी तस्दीक के लिए परिवार की महिलाओं से भी जानकारी की गई कि क्या किशोरी दुपट्टा पहनकर खेतों पर गई थी या नहीं?
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100 मीटर की दूरी पर तीन लोगों ने पी शराब
इसके अलावा घटना स्थल से 100 मीटर दूरी पर एक खेत में पेड़ के नीचे पुलिस को तीन लोगों के एक साथ बैठकर शराब पीने के साक्ष्य मिले हैं। मौके से शराब के खाली टैट्रा पाउच, तीन गिलास, खाली नमकीन के पाउच मिले हैं। इसके अलावा उसके ऊपर पेड़ पर एक दरांती भी लटकी मिली है। पुलिस जानने का प्रयास कर रही है कि किसने शराब पी और दरांती किसकी है।
एक युवक रडार पर, देर रात तक उसने उलझाया
पुलिस टीमों को अब तक जो साक्ष्य मिले हैं, उसमें एक युवक पूरी तरह रडार पर आ गया है। उस युवक से पूछताछ के लिए खुद एसएसपी मुनिराज जी पहुंचे और फिर सासनी गेट से किशोरी के परिवार व नानी को अकराबाद थाने बुलाया गया। जहां देर रात समाचार लिखे जाने तक पूछताछ का दौर चला। मगर बदलते बयानों और कई बार घटना की स्वीकारोक्ति आदि में उसने पुलिस को उलझा दिया। वह अपने साथ के किसी अन्य का नाम नहीं बता पाया। अब पुलिस उसके बताए सीन के अनुसार मंगलवार को फिर घटनास्थल पर नए सिरे से पड़ताल करेगी। एसएसपी मुनिराज जी ने इतना ही बताया कि अभी जांच व कुछ लोगों से पूछताछ चल रही है। जल्द ही कोई नतीजा सामने लाया जाएगा।
कल पहली बार अकेले खेत पर गई बेटी
किशोरी की नानी और मां से जब की गई तो मां तो बहुत कुछ ज्यादा बताने में असमर्थ रही। वह बस एक ही रट लगाए रही कि कैसे भी उसे न्याय मिले। मगर उसकी नानी ने इतना जरूर बताया कि कल उसने बेटी को पहली बार अकेले खेत पर चारा लेने भेजा था। नानी के अनुसार उसे हल्का बुखार होने के कारण उसने बेटी से कह दिया था कि तुम अकेले ही चारा ले आओ। उसे अनुमान है कि उसके इसी अकेलेपन का फायदा उठाकर इस घटना को अंजाम दिया गया और पहचाने जाने के कारण पकड़े जाने के डर से मार दिया।
दो लाख रुपये की आर्थिक मदद दी गई : एसीएम
इस घटना में पीड़ित परिवार को दो लाख रुपये की आर्थिक मदद दी गई है। इस विषय में एसीएम द्वितीय रंजीत सिंह ने बताया कि परिवार को फौरी तौर पर दो लाख रुपये की मदद दी गई है। बाकी मदद के लिए शासन को अवगत कराया जा रहा है। प्रयास किया जाएगा कि शेष मदद भी जल्द दिलवाई जाए। उन्होंने परिवार से कहा है कि जितने नेता वहां आए थे किसी ने मदद नहीं की। प्रशासन आगे भी इसी तरह मदद करता रहेगा।
ये अमला लगा रहा कानून व्यवस्था में
इस पूरे घटनाक्रम में गांव से लेकर सासनी गेट तक एसपी क्राइम डॉ.अरविंद, एसपी देहात शुभम पटेल, एसडीएम कोल अनीता यादव, एसीएम द्वितीय रंजीत सिंह, सीओ तृतीय अनिल समानिया, सीओ द्वितीय राघवेंद्र, सीओ प्रथम प्रशांत कुमार, सीओ बरला सुमन कनौजिया, सीओ अतरौली सुदेश गुप्ता के अलावा शहर के सभी एसओ/इंस्पेक्टर व देहात के कई थानेदार लगे हुए हैं।
काफिले के लिए यातायात कराया डायवर्ट
जिस वक्त पोस्टमार्टम से किशोरी का शव एंबुलेंस से उसके सासनी गेट घर ले जाया जा रहा था। उस दौरान पुलिस प्रशासन की आधा दर्जन से अधिक गाड़ियां व नेताओं की आधा दर्जन गाड़ियां साथ चल रही थीं। इसे लेकर पहले से यातायात व्यवस्था को डायवर्ट किया गया। एक तरफ जहां कठपुला से पुराने शहर की ओर आते ही जीटी रोड पर और फिर आगरा रोड पर यातायात डायवर्ट किया गया। अंदेशा था कि कहीं पब्लिक रास्ते में कोई हरकत न कर दे।
पोस्टमार्टम के एक घंटे बाद मंत्रणा, तब रिपोर्ट दी
किशोरी के शव का पोस्टमार्टम वीडियो ग्राफी के बीच डॉ.अभिषेक गुप्ता, डॉ.पीके त्यागी, डॉ.गीतांजली व एएमयू के फॉरेंसिक एक्सपर्ट कासिफ अली के पैनल ने किया। पैनल ने पोस्टमार्टम करीब दो से तीन घंटे में पूरा किया। जब शव यहां से किशोरी के घर रवाना हो गया तो डॉक्टरों के पैनल ने एक घंटे का ब्रेक लिया और फिर उस फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया, जिसने रविवार को घटनास्थल पर साक्ष्य संकलित किए थे। फॉरेंसिक टीम के आने के बाद पैनल व टीम ने अपने-अपने साक्ष्यों का मिलान करते हुए पोस्टमार्टम रिपोर्ट शाम करीब 5 बजे जारी की और रिपोर्ट अधिकारियों के पास पहुंचते ही राहत महसूस की।
इस रिपोर्ट को तैयार करने से पहले स्वाब भी संकलित करने के लिए जार मंगाया गया, जिसे पुलिस द्वारा विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा। वहां से रिपोर्ट मिलने के बाद उसे भी मुकदमे की केश डायरी में शामिल किया जाएगा। एसएसपी ने बताया कि यह स्वाब सैंपल फॉरेंसिक एक्सपर्टों द्वारा माइक्रोस्कोपी जांच में परखा जाएगा। इसके बाद वे तय करेंगे कि यह स्वाब किस तरह का है। उससे काफी कुछ स्पष्ट हो जाएगा।
शासन स्तर तक हर पल दिया अपडेट
इस घटना को लेकर सुबह से ही अपर मुख्य सचिव गृह, डीजीपी, एडीजी जोन, आईजी रेंज जिले के अधिकारियों के संपर्क में रहे। हर घटना का पल-पल पर शासन स्तर को अपडेट दिया गया। जैसे ही शाम को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई, तब जाकर स्थानीय स्तर से लेकर शासन स्तर तक के अधिकारियों ने भी राहत महसूस की।

किशोरी के मौत के बाद सोमवार को अपने घर के सदस्य की मौजूदगी में खेत में चारा काटती महिला ।- फोटो : CITY OFFICE

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