शव रखकर जाम लगाने वालों को दौड़ाती पुलिस। अमर उजाला
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सासनी गेट पर शव जाना था तो आंबेडकर पार्क पर किसी बवाल को लेकर पुलिस पहले से आशंकित थी। इसलिए किशोरी के घर के साथ-साथ सर्वाधिक सुरक्षा इंतजाम आंबेडकर चौक पर किए गए। मगर जब घर से शवयात्रा शुरू हुई तो युवकों के गुस्से और महिलाओं के गुबार ने तीस मिनट तक सबकी सांसें फुला दीं। आगरा रोड पर हालात ऐसे बन गए कि कहीं बड़ा टकराव न हो जाए। मगर किसी तरह पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर युवाओं को दौड़ाया और महिलाओं को नोकझोंक कर हटाया। तब शवयात्रा शमशान तक पहुंच सकी। इस दौरान दिन भर की मेहनत पर पानी फिरता नजर आया। मगर तीस मिनट के प्रयास में सब कुछ सामान्य हो गया।
हुआ यूं कि घर पर अंतिम संस्कार की औपचारिकताओं के दौरान यह तय हुआ कि शवयात्रा को पैदल कड़ी सुरक्षा में कालीदह शमशान आगरा रोड केपी स्कूल के सामने होकर ले जाया जाएगा। इसके पीछे मंशा यह भी थी कि कैसे भी शव आंबेडकर पार्क न पहुंचे। इस पर शवयात्रा जैसे ही शुरू हुई तो युवाओं की भीड़ उग्र नारेबाजी करते हुए आगे चल रही थी और विलाप करती महिलाएं पीछे थीं। बीच में पुलिस भी थी। जैसे ही शव यात्रा केपी के सामने आई तो युवकों ने शव वहीं रख दिया और जाम लगा दिया।
महिलाएं भी बैठ गईं। यहां दस मिनट के प्रयास में शव को पुलिस ने हटवाया तो युवक शमशान की ओर जाने के बजाय शव को आंबेडकर पार्क की ओर ले गए। जैसे ही आंबेडकर पार्क चिरंजीलाल स्कूल के पास पहुंचे तो वहां फिर उग्र नारेबाजी के बीच शव सड़क पर रखकर जाम लगाने की कोशिश हुई और महिलाएं बीच सड़क पर बैठ गईं। इस पर पुलिस ने वाहनों की कतारों के बीच युवकों को लठिया कर तितर-बितर किया और महिलाओं को नोकझोंक के बीच महिला पुलिस की मदद से खींचकर सड़क से अलग हटवाया। इसके बाद शव को कुछ परिजनों के साथ तेजी से शमशान की ओर ले जाना शुरू कर दिया। इस दौरान यहां भगदड़ के साथ टकराव की स्थिति बनी।
मगर पुलिस बल ने हालात सामान्य किए। इसके बाद युवक गुस्से में पीछे से नारेबाजी करते हुए बाबूलाल जैन स्कूल के रास्ते से शवयात्रा में शामिल होकर कालीदह शमशान पहुंचे। जहां अंतिम संस्कार से पहले इस बात पर नोकझोंक होने लगी कि मुआवजा घोषित किया जाए और किसी को वीडियो न बनाने दिया जाए। किसी तरह एसपी क्राइम ने समझाना चाहा तो विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। बाद में किशोरी की बुआ ने स्पष्ट ऐलान किया कि प्रशासन हमारे साथ है। आप पहले मिट्टी लगने दें, इसके बाद इन विषयों पर बात होगी। तब जाकर स्थिति सामान्य हुई।