रामवीर उपाध्याय (लाल घेरे के अंदर)
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पूर्व ऊर्जा मंत्री और सादाबाद विधायक रामवीर उपाध्याय को लेकर सियासी हलकों में पूरे दिन यह चर्चा जोरों पर रही कि बसपा उनका निलंबन वापस ले सकती है। हालांकि बसपा के स्थानीय पदाधिकारियों के अलावा खुद उपाध्याय ने इससे अनभिज्ञता जताई।
उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय को बसपा ने निलंबित कर दिया था। पार्टी ने उन पर यह आरोप लगाया था कि उन्होंने लोकसभा चुनाव में अनुशासनहीनता की है और पार्टी के निर्देशों के खिलाफ भाजपा का समर्थन किया है। बसपा से निलंबन के बाद उपाध्याय के समर्थन में काफी लोगों ने बसपा से इस्तीफा दिया था। हालांकि उपाध्याय ने खुद पार्टी छोड़ने की घोषणा नहीं की थी और यह कहा था कि वह जल्द ही अपनी रणनीति का खुलासा करेंगे।
उपाध्याय ने पार्टी सुप्रीमो मायावती के खिलाफ मोर्चा भी नहीं खोला था। इस समय उपाध्याय और उनका खेमा जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए 29 जुलाई को होने वाले चुनाव में लगा है। वहीं पूरे दिन सियासी गलियारों में यह चर्चा रही कि बसपा आलाकमान पार्टी की मजबूती के लिए उपाध्याय का निलंबन वापस ले सकती है। इस सिलसिले में जब उपाध्याय से बात की गई तो उनका कहना था कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है। वहीं बसपा के मंडल जोन कोऑर्डिनेटर रणवीर सिंह कश्यप का कहना है कि उन पर भी इस आशय का कोई आदेश नहीं है। जो भी फैसला होगा, वह बहन जी ही लेंगी।