देश की स्वतंत्रता से पूर्व लगभग 100 साल पहले इस रामलीला का श्रीगणेश हुआ था। उस वक्त रामलीला देखने के लिए पूरे जिले से दर्शक यहां आते थे। उस समय माइक-साउंड और लाइट की व्यवस्था नहीं होती थी। इसलिए कलाकार मूक अभिनय करते थे। श्री रामलीला गोशाला कमेटी एवं रामलीला महोत्सव के अध्यक्ष विमल अग्रवाल के अनुसार 1963 में उनके जन्म से पहले अचल ताल पर रामलीला होती थी। पिता स्व. बालकिशन अग्रवाल रामलीला कमेटी के अध्यक्ष रहे। समाजसेवी और पत्रकार महेश सुहृद ने भी अध्यक्ष पद की कमान संभाली, जो भी अध्यक्ष बना उसने धीरे-धीरे महोत्सव में कुछ न कुछ नया किया। 70 के दशक में स्थिति यह थी कि दर्शकों को संभालना मुश्किल पड़ जाता था।
21 सितंबर से होगा श्री कृष्णलीला महोत्सव
श्रीकृष्ण सेवा संस्थान के तत्वावधान में चिरंजीलाल कन्या इंटर कॉलेज आगरा रोड पर 53वां श्रीकृष्ण लीला महोत्सव 21 सितंबर से 04 अक्तूबर तक होगा। संस्था के महामंत्री व संस्थापक सदस्य प्रेम प्रकाश माहेश्वरी ने बताया कि सुबह साढ़े छह बजे से चैतन्य महाप्रभु लीला होगी। शाम आठ बजे से रात 11 बजे तक श्रीकृष्ण लीला का आयोजन होगा। 21 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्म लीला, 22 को पूतना वध, 23 को माखन लीला, 24 को अभिमन्यु वध, 25 को कालिया मर्दन और 26 को मीरा बाई की लीला होगी।