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रामघाट-कल्याण मार्ग : बेस निर्माण में मानकों की अनदेखी

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अतरौली रोड पर सड़क निर्माण के लिए पड़ीं गिटि्टियां। - फोटो : samvad
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रामघाट-कल्याण मार्ग को चारलेन हाईवे के रूप में विकसित किए जाने का काम शुरू हो चुका है, लेकिन शुरुआत के साथ ही इसकी गुणवत्ता पर सवाल खड़े होने लगे हैं। अमर उजाला टीम ने रविवार को तालानगरी से अतरौली तक मौके पर जाकर निर्माण कार्य की पड़ताल की। इस बीच अलग अलग स्थान पर बेस निर्माण के लिए अलग अलग तरीके देखने को मिले। कहीं पत्थर के साथ मिट्टी तो कुछ जगह स्टोन डस्ट पाई गई। इसके बारे में जब निर्माण कार्य करने वालों से पूछा तो पहले किसी ने कुछ नहीं कहा। काफी देर पूछताछ में एक ने कहा कि ठेकेदार ने मिट्टी लाने के लिए कहा था।
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आसपास के ग्रामीणों से बात की तो जमालगढ़ी निवासी महेंद्र ने बताया कि पत्थरों के साथ रेत और काली मिट्टी तक मिला रहे हैं। चौमुहां से चामुंडा मंदिर के बीच मुरादपुर के ही मोहन ने बताया कि कुछ समय पहले बेस निर्माण के लिए मिश्रण बिछाया गया, लेकिन फिर उसे उखाड़ दिया। अब फिर से उसे बना रहे हैं। जिस रफ्तार से काम चल रहा है, उससे सड़क के समय पर पूरा होने को लेकर संशय बना हुआ है। यदि यही स्थिति रही तो सड़क बनने में 10 साल लग जाएंगे।


लोक निर्माण विभाग के मुताबिक, सड़क निर्माण के लिए पहाड़ी गिट्टी और स्टोन डस्ट के साथ तारकूल के विशेष उत्पाद इमरसन को मिलाकर बेस तैयार किया जाता है। इसके लिए इंडियन रोड्स कांग्रेस की ओर से मानक तय हैं। रामघाट-कल्याण मार्ग बनाने के लिए जारी निविदा शर्त में यहां तक नियम है कि गिट्टी और स्टोन डस्ट किन स्रोतों से आएंगे? हालांकि ग्रामीणों की शिकायत और बेस निर्माण की मौजूदा स्थिति पर विभाग ने स्थिति स्पष्ट नहीं की।
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हाइलाइट बॉक्स : सीएम योगी से शिकायत, आज लखनऊ से आएगी टीम
अलीगढ़। रामघाट-कल्याण मार्ग के निर्माण में घटिया गुणवत्ता का हवाला देते हुए पूर्व सांसद राजवीर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शिकायत भेजते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। पूर्व सांसद की इस शिकायत पर संज्ञान लेते हुए सीएम योगी ने जांच के आदेश दिए। इसके चलते प्रदेश सरकार की ओर से गठित जांच समिति सोमवार शाम तक अलीगढ़ पहुंच जाएगी। जिला प्रशासन की ओर से जारी कार्यक्रम सूचना के मुताबिक, आगामी दो दिन तक यह समिति पूरे मार्ग का निरीक्षण करेगी और रिपोर्ट शासन को सौंपेगी। इस समिति में प्रमुख अभियंता अजय कनौजिया, अधीक्षण अभियंता वेद नारायण व उप निदेशक रिसर्च डेवलेपमेंट एंड क्वालिटी प्रमोशन सेल और डाॅ.संयज कुमार हिंद शामिल हैं।
. पूर्व सांसद राजवीर सिंह का भी कहना है कि बेस निर्माण में स्टोन डस्ट व पहाड़ी गिट्टी का मानक पूरा नहीं है। दूसरा लाल स्टोन और डस्ट के बजाय काली मिट्टी मिलाई है। उन्होंने कहा कि इस मार्ग का निर्माण हर कीमत पर मानकों के अनुसार होना चाहिए।

निर्माण की प्रगति सिर्फ 15 फीसदी
अभी सिर्फ अलीगढ़ जनपद की सीमा में बेस बनाया जा रहा है। निर्माण की प्रगति सिर्फ 15 फीसदी मानी जा रही है। गुणवत्ता को लेकर भी पूरा ध्यान दिया जा रहा है। मंगलवार से समिति जांच करेगी। - प्रभात कुमार चौधरी, अधीक्षण अभियंता, लोक निर्माण विभाग

. अलीगढ़ से रामघाट तक इस सड़क को चारलेन हाईवे बनाने की घोषणा वर्ष 2021 में पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन के बाद की गई थी। उनका पैतृक गांव और कर्मस्थली अतरौली इसी मार्ग पर होने के कारण इस सड़क को रामघाट-कल्याण मार्ग नाम दिया गया। इसके निर्माण को लेकर एक बार पहले भी पूर्व सांसद राजवीर सिंह शिकायत कर चुके हैं। इस बार फिर निर्माण कार्य पर सवाल खड़े हुए।
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इस तरह बनना है यह हाईवे
186 करोड़ से 21 किमी की सड़क सबसे पहले बन रही है जो क्वार्सी चौराहे से अतरौली के अंवतीबाई चौराहे तक है।

109 करोड़ से 14 किमी की सड़क अंवतीबाई चौराहे से हम्मदपुर बढ़ेरा नीम नदी तक बनेगी।
115 करोड़ रुपये से अलीगढ़ की अंतिम सीमा से बुलंदशहर जिले के रामघाट तक सड़क बनेगी।

03 ओवरब्रिज बन रहे हैं जो हरदुआगंज बरौठ कैनाल पर 45, काली नदी पर 58 और नीम नदी पर 33 मीटर लंबे हैं।
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