चौघड़िया मुहूर्त के अनुसार सुबह 7.51 बजे से दोपहर 12.26 बजे तक लाभ और अमृत के संयोग है। नौकरीपेशा के लिए यह सर्वोत्तम मुहूर्त है। दोपहर 1.05 बजे से दोपहर 3.21 बजे तक दूसरा मुहूर्त है। इसमें व्यापारी, बीमार व विवाह में अड़चन की समस्या वाले पूजन करें तो उन्हें राहत मिलेगी।
चैत्र नवरात्र की नवमी और रामनवमी 6 अप्रैल को मनाई जाएगी। इस बार नवमी पर ग्रहों का शुभ संयोग बन रहा है। ज्योतिषाचार्य हृदयरंजन शर्मा ने बताया कि चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि की शुरुआत 5 अप्रैल की शाम 7.26 बजे से होगी, जो 6 अप्रैल को शाम 7.22 बजे तक रहेगी। सनातन धर्म में उदया तिथि मान्य है, इसलिए 6 अप्रैल को दुर्गा नवमी और रामनवमी मनाई जाएगी।
विज्ञापन
6 अप्रैल को हवन, अनुष्ठान, दुर्गा सप्तशती पाठ, कन्या लांगुर जिमाने के बाद लोग अपना व्रत संपन्न करेंगे। उन्होंने बताया कि चौघड़िया मुहूर्त के अनुसार सुबह 7.51 बजे से दोपहर 12.26 बजे तक लाभ और अमृत के संयोग है। नौकरीपेशा के लिए यह सर्वोत्तम मुहूर्त है।
दोपहर 1.05 बजे से दोपहर 3.21 बजे तक दूसरा मुहूर्त है। इसमें व्यापारी, बीमार व विवाह में अड़चन की समस्या वाले पूजन करें तो उन्हें राहत मिलेगी। मातारानी हाथी पर सवार होकर गमन करेगी। यह बारिश और फसलों की बेहतर पैदावार का शुभ संकेत है।