एएमयू में बोले राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश
- फोटो : अमर उजाला
राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने कहा कि भारत को वैश्विक स्तर पर अग्रणी राष्ट्र बनने के लिए आर्थिक रूप से और अधिक मजबूत होना होगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद देश ने तकनीक के क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव देखा है, जिसने शासन व्यवस्था, अर्थव्यवस्था और जनकल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन का स्वरूप ही बदल दिया है।
वह बुधवार को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक भवन में आयोजित सर सैयद स्मृति व्याख्यान को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब केंद्र सरकार से भेजे गए एक रुपये में से लाभार्थी तक केवल 15 पैसे ही पहुंच पाते थे, लेकिन आज डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से सरकारी सहायता की लगभग पूरी राशि सीधे पात्र व्यक्ति के खाते में पहुंच रही है। यह परिवर्तन तकनीक की बदौलत संभव हुआ है।
हरिवंश ने कहा कि 2014 से पहले और 2014 के बाद के भारत की तुलना करें तो तकनीकी क्षेत्र में देश ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म, आधार आधारित पहचान प्रणाली, ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था और डीबीटी जैसी व्यवस्थाओं ने न केवल पारदर्शिता बढ़ाई है, बल्कि भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भूमिका भी कम की है।
उन्होंने कहा कि तकनीक ने देश के आर्थिक परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया है। आज सरकारी योजनाओं का लाभ तेजी से और सीधे आम लोगों तक पहुंच रहा है। इससे शासन व्यवस्था अधिक जवाबदेह और प्रभावी बनी है।
उपसभापति ने केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सफलता के पीछे तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नवाचार, अनुसंधान और तकनीकी दक्षता के माध्यम से देश के विकास में योगदान दें।