पूर्व विधायक मुनीष गौड़ पर हमले के आरोपी भाजपा नेता और रीयल स्टेट कारोबारी राजेश भारद्वाज को शुक्रवार को सत्र न्यायालय से जमानत दे दी गई। शनिवार को उनकी रिहाई होना तय है। राजेश भारद्वाज को जमानत मिलने से उनके समर्थकों में खुशी की लहर है।
कुछ दिन पहले भाजपा के पूर्व विधायक मुनीष गौड़ पर अवंतिका कॉलोनी में कुछ हमलावरों ने फायरिंग कर हमला किया था। इस हमले में मुनीष गौड़ जख्मी हुए और तीन लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज करायी गई।
विवेचना के दौरान पुलिस ने मौके पर सीसीटीवी फुटेज में कैेद हुई स्कूटी के आधार पर घटना का खुलासा करते हुए दो शूटर गिरफ्तार किए। इनके बयान के आधार पर राजेश भारद्वाज का गनर और ड्राइवर दिनेश ठाकुर, हमले में आरोपी बना।
खुलासा हुआ कि उसी ने राजेश भारद्वाज के कहने पर यह हमला कराया था। इसी के आधार पर पुलिस ने पिछले सप्ताह गाजियाबाद स्थित आवास से राजेश भारद्वाज को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। अगले ही दिन इस मामले में सत्र न्यायाधीश की अदालत में जमानत अर्जी दायर की गई थी जिसमें सीधे सीधे राजनीतिक साजिश और रंजिश के तहत पुलिस और कुछ दिग्गज भाजपाइयों पर मिलकर फंसाने का आरोप लगाते हुए राजेश भारद्वाज के अधिवक्ता चंद्रशेखर दीक्षित ने अदालत से जमानत मांगी थी। लेकिन अदालत ने दो तारीखों पर वादी पक्ष के आवेदनों को ध्यान में रखते हुए जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए 9 सितंबर की तारीख नियत की थी।
शुक्रवार को सत्र न्यायाधीश श्रीमती कल्पना मिश्रा के न्यायालय से दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की जिरह के बाद राजेश भारद्वाज को जमानत देने का फैसला सुनाया गया। इसके बाद कागजी औपचारिकताओं में देरी के चलते शाम को राजेश भारद्वाज की रिहाई नहीं हो सकी।
शनिवार की सुबह उनकी रिहाई लगभग तय मानी जा रही है। दूसरी राजेश भारद्वाज को जमानत मिलने की सूचना पर उनके समर्थकों में खुशी की लहर है। जवां के ब्लाक प्रमुख पति ऋषि शर्मा, श्रीकांत शर्मा एडवोकेट कोल्ड वालों ने अदालत के फैसले का स्वागत किया है।